उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर एक मां ने अपनी दो बेटियों के साथ पुलिस के सामने ही जहर खा लिया। पुलिस ने तीनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ ले जाते समय एक बेटी की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, छपरौली थाना क्षेत्र के गांव बाछौड़ के पास एक लड़की को 10 दिन पहले गांव के ही रहने वाले एक प्रिंस नामक युवक पर बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगा। जिसे लेकर लड़की के परिजनों ने शिकायत भी दर्ज करवाई गई थी।
मंगलवार देर शाम को लड़की के परिवारवालों ने पुलिस को सूचना दी कि आरोपी युवक अपने घर आया हुआ है। सूचना पर छपरौली थाने की पुलिस युवक के घर पहुंची, लेकिन घर का दरवाजा किसी ने नहीं खोला। काफी प्रयास करने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिसकर्मी आसपास के घरों की छत से युवक के घर में दाखिल हुए।
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पुलिसकर्मियों ने युवक को तलाशने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिला। इस बीच युवक की मां अनुराधा, बेटी प्रीति और स्वाति ने इसका विरोध किया और महिला ने पुलिसकर्मियों चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह घर से बाहर नही गए, तो तीनों जहर खा लेंगे।
इसी गरमागरमी के बीच महिला और उसकी दोनों बेटियों न विषैला पदार्थ का सेवन कर लिया। इसे देख पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। पुलिस ने तीनों को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौत में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को चिंताजनक हालत देख मेरठ हेयर सेंटर रेफर कर दिया, जहां चिकित्सक ने प्रीति को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) बागपत नीरज कुमार जादौन ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस युवक के घर से युवती को बरामद करने गई थी, लेकिन इसी बीच युवक की मां और दो बहनों ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इसमें प्राथमिक तौर पर पुलिस की लापरवाही सामने नहीं आई है। आगे जांच की जा रही है।


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