मास्टर प्लॉन 2031 के तहत कई नए सेक्टरों में संस्थागत, वाणिज्यिक व औद्योगिक विकास के लिए नोएडा प्राधिकरण 218 हेक्टेयर भूमि किसानों से आपसी समझौते के आधार पर खरीदेगा। इसके लिए 1130 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। शुक्रवार को सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण में हुई 198वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बोर्ड बैठक में कुल 45 प्रस्ताव पारित किए गए। इन प्रस्तावों में शहर के चहुमुंखी विकास के लिए गोल्फ कोर्स, हैबिटेट सेंटर, हेलीपोर्ट बनाने, औद्योगिक प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी बनाने, इंटीग्रेटेट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने व फ्लैट खरीदारों के हितों को सुरक्षित रखने समेत अन्य प्रस्ताव शामिल हैं। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं तीनों प्राधिकरणों के चेयरमैन आलोक टंडन ने की।
बैठक के बाद सीईओ रितु महेरी ने बताया कि मास्टर प्लॉन-2031 के अनुसार सेक्टर-145, 161, 162, 163, 164, 165 एवं 166 को संस्थागत, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक भू-उपयोग के लिए नियोजित किया गया था, लेकिन भूमि का अधिग्रहण नहीं हो पाया था। उक्त गतिविधियों के विकास के लिए प्राधिकरण को तत्काल 218 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। जिसे किसानों से सीधे आपसी समझौते के आधार पर खरीदा जाएगा। भूमि की खरीद पर प्राधिकरण 1100 करोड़ रुपए और स्टॉम्प व पंजीकरण शुल्क के मद में 30 करोड़ रुपए खर्च करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई।
सीईओ ने बताया कि प्राधिकरण को उक्त विकास के लिए फौरी तौर पर 218 हेक्टेयर भूमि चाहिए थी। बोर्ड के अनुमोदन के बाद किसानों से सीधे भूमि खरीदने का रास्ता साफ हो जाएगा।
सीईओ ने बताया कि सेक्टर-151 में गोल्फ कोर्स, एडवंचर स्पोर्टर्स व हैलीपोर्ट बनाने के प्रस्ताव पर पिछली बोर्ड बैठक में अनुमोदन दिया गया था। यहां पर मौजूद हरित क्षेत्र में गोल्फ कोर्स के अलावा जयपुर की चोखी ढाणी की तर्ज पर टूरिस्ट प्लेस विकसित किया जाना है। इस परियोजना के निर्माण, डिजाइन व बजट के लिए कंसलटेंट का चयन किया गया था। कंसलटेंट ने ले-आउट प्लॉन व कांस्पेट प्लॉन प्रस्तुत किया। इसमें गोल्फ कोर्स व क्लब के विकास पर 90 करोड़ रुपए खर्च करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया। इसके अलावा हेलीपोर्ट, एडवेंचर स्पोर्ट्स आदि के लिए बजट तैयार किया जा रहा है।
इसके अलावा सेक्टर-94 के भूखंड संख्या-4 व 5 को नोएडा कन्वेंशन एवं हैबिटेट सेंटर के विकास के लिए आरक्षित किया गया है। हैबिटेट सेंटर के विकास के लिए 197वीं बोर्ड बैठक में सहमति जताई गई थी।
शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में परियोजना के प्रारम्भिक बजट 684 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा परियोजना के लिए विंड टनल टेस्टिंग, सिस्मिक स्टडी, आदि की जांच आईआईटी से कराने को भी मंजूरी दी गई। सीईओ ने बताया कि परियोजना का विस्तृत आगणन भी आईआईटी से कराने को मंजूरी दी गई।


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