उत्तर प्रदेश के बदायूं में समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण एक महिला की मौत हो गई। आरोप है कि घायल को लाने वाले पुलिसकर्मी से चिकित्सकों की नोकझोंक के कारण इलाज का कीमती समय बर्बाद हो गया। मामला बिल्सी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है जहां सड़क हादसे में घायल 45 वर्षीय महिला को इलाज़ के लिए लगाया गया था, लेकिन समय पर समय पर इलाज़ नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
इस घटना के सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो के अनुसार उप निरीक्षक सुशील पवार महिला और उसके घायल बेटे को अपनी जीप से उपचार के लिए बिल्सी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे। महिला और उसका बेटा बंदायू इस्लामनगर राजमार्ग पर सोमवार को उनकी मोटरसाइकिल की एक मिनी ट्रक से हुई टक्कर में घायल हो गए थे।
वीडियो में देखा जा सकता है कि घायलों का उपचार करने के बजाय स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी उप निरीक्षक से उलझ गए और इलाज का कीमती वक्त बर्बाद हुआ जिसकी वजह से महिला की मौत हो गई। वीडिया में उप निरीक्षक को इलाज के अभाव में महिला की मौत पर दुख जताते हुए भी सुना जा सकता है।
इस घटना को लेकर बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि उघैती थाने में तैनात दरोगा सुशील पवार दोनों घायलों को सरकारी जीप से बिल्सी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां कर्मचारियों द्वारा उपचार में देरी से महिला की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में थाना उघैती में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सब इंस्पेक्टर से अभद्रता एवं इलाज में देरी लापरवाही करने की सूचना जिलाधिकारी को दे दी गई है, शीघ्र ही इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी।


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