विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र मंगलवार को आहूत किया गया है। इस विशेष सत्र में अनुसूचित जाति व जनजाति के आरक्षण की अवधि को 10 वर्ष के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव पर मंजूरी ली जाएगी। विशेष सत्र में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में घटित हिंसक वारदातों व पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा होने के आसार हैं। इस सत्र में प्रश्नकाल नहीं होगा। केवल नियम-51, नियम-301 और याचिकाओं को लिया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि 31 दिसंबर को प्रश्नकाल नहीं होगा। विभिन्न दलीय नेताओं ने सदन के सुचारु रूप से संचालन में सहयोग प्रदान करने की बात कही। सत्र में लोकसभा में पारित संविधान का (126 वां संशोधन) विधेयक-2019 के संकल्प पर विचार व पारण किया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि इस संकल्प पर विचार एवं उसे पारित करने के अलावा विधानसभा नियम 51 व नियम 301 एवं याचिकाओं को भी लिया जाएगा।
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नागरिकता संशोधन कानून का विरोध जताने के लिए सपा विधायक साइकिल से विधान भवन पहुंचेंगे। वहीं कांग्रेस विधायक अनसुचित वर्ग व अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए दस वर्ष के लिए आरक्षण सुविधा बढ़ाने का समर्थन करेंगे परंतु एंग्लो इंडियन का कोटा न बढ़ाने का विरोध करेंगे। वहीं बसपा के लोग पहले कार्यालय में पहुंचकर सरकार के विरोध की रणनीति तैयार करेगें।


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