”बकरीद पर कुर्बानी नहीं…”, यूपी में इस नेता के ऐलान से मचा बवाल

Summary :

बकरीद को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने बड़ी चेतावनी दी

उत्तर प्रदेश के बागपत का बड़ागांव चर्चा में है. बकरीद को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है, “गांव में कुर्बानी नहीं होगी, चाहे जो हो जाए. इस दौरान विहिप नेता ने आगे कहा हमें खबर मिली है कि गांव में बकरीद पर कुर्बानी की तैयारी है। अगर किसी ने ऐसा करने की कोशिश की तो सीधे पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाएगा।”

कल देशभर में मुस्लिमों का पर्व बकरीद मनाया जाएगा। ऐसे में पर्व से पहले ही उत्तर प्रदेश के बागपत का बड़ागांव चर्चा में है. बकरीद को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है, “गांव में कुर्बानी नहीं होगी, चाहे जो हो जाए.” विहिप नेता आकाश त्यागी ने साफ़ शब्दों में हिदायत देते हुए कहा कि इस गांव में माता मनसा देवी का पुराना मंदिर है और जैन समाज का तीर्थस्थल भी इस गांव में हैं। ऐसे धर्म स्थल पर हम किसी भी कीमत पर ईद की कुर्बानी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

किसी भी जीव को काटना नहीं

इस दौरान विहिप नेता ने आगे कहा हमें खबर मिली है कि गांव में बकरीद पर कुर्बानी की तैयारी है। अगर किसी ने ऐसा करने की कोशिश की तो सीधे पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाएगा। इतना ही नहीं नेता ने आगे कहा कि जब हिंदू अपना पर्व इको-फ्रेंडली मना सकता है, तो मुस्लिम क्यों नहीं अपने पर्व को इको-फ्रेंडली मना सकता है। उन्होंने मुस्लिम भाइयों से अपील की कि आप बकरीद पर मिठाई, खीर बनाएं और खाएं। किसी भी जीव को काटना नहीं, नहीं तो हिंदू समाज भी खड़ा मिलेगा।

बकरीद को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने बड़ी चेतावनी दी

बकरीद क्यों मनाया जाता है?

ईद-उल-अजहा जिसे ‘बकरीद’ और ‘कुर्बानी की ईद’ के नाम से भी जाना जाता है, इस्लाम धर्म का एक बड़ा पर्व है। यह त्यौहार हज़रत इब्राहिम की उस परीक्षा की याद में मनाया जाता है जब उन्होंने अल्लाह के आदेश पर अपने बेटे की कुर्बानी देने का फ़ैसला किया था। इस बार बकरीद कल यानी 7 जून को मनाई जाएगी

ईद-उल-अज़हा कैसे मनाई जाती है?

सऊदी अरब से लेकर दुनिया के सभी मुस्लिम देशों में यह त्यौहार कई धार्मिक और सामाजिक परंपराओं के साथ मनाया जाता है:

1. ईद की नमाज़ – इस दिन सुबह विशेष नमाज़ अदा की जाती है, जिसमें हज़ारों लोग मस्जिदों या खुले मैदानों में इकट्ठा होते हैं। इसके बाद खुतबा (धार्मिक भाषण) दिया जाता है।

2. कुर्बानी – लोग बकरे या दूसरे जानवरों की कुर्बानी देते हैं।

3 . इस दिन लोग अपने रिश्तेदारों से मिलते हैं, एक दूसरे को मुबारकबाद देते हैं. और अच्छे-अच्छे पकवान खाते हैं।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।