कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाथरस में दलित लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के मामले को लेकर सोमवार को एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल ने मंगलवार को हाथरस केस पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ”यह वीडियो उनके लिए है, जो सच्चाई से भाग रहे हैं। हम बदलेंगे, देश बदलेगा।’
यह वीडियो उनके लिए है जो सच्चाई से भाग रहे हैं।
हम बदलेंगे, देश बदलेगा। pic.twitter.com/pbe0qJSGFr
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 13, 2020
इस वीडियो में हाथरस के बुलागढ़ी गांव में लोगों से बात की गई है। इस बातचीत में लोगों के तरफ से अनेक बातें कही गयी हैं। किसी ने कहा कि ‘दलित तो अछूत होते हैं’ तो किसी ने कहा कि ‘उन्हें आज भी भेदभाव का शिकार होना पड़ता है।’ इससे पहले सोमवार को राहुल ने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने पीड़िता के परिवार से उनकी मुलाकात के बाद इस घटना के पीड़ित पक्ष पर आक्रमण किया और अपराधियों की मदद की।
पार्टी की ओर से ‘स्पीकअप फॉर वूमेन सेफ्टी’ हैशटैग से चलाए गए सोशल मीडिया अभियान के तहत वीडियो जारी कर राहुल गांधी ने यह भी कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए लोग सरकार पर दबाव बनाएं। उन्होंने दावा किया, ‘‘ हाथरस घटना में सरकार का रवैया अमानवीय और अनैतिक है। वे पीड़ित परिवार की मदद करने की बजाए अपराधियों की रक्षा करने में लगे हैं।’’
वहीं रविवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘‘मुख्यमंत्री और उनकी पुलिस ने कहा कि किसी का बलात्कार नहीं हुआ क्योंकि उनके लिए तथा अनेक अन्य भारतीयों के लिए तो वह ‘कोई थी ही नहीं’।’’ उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक मीडिया रिपोर्ट भी साझा की जिसमें सवाल किया गया है कि पुलिस बलात्कार से इनकार क्यों कर रही है जब युवती ने खुद बलात्कार के बारे में कहा था।
गौरतलब है कि हाथरस में कथित सामूहिक बलात्कार की शिकार 19 वर्षीय दलित लड़की की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने देर रात लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया था। आरोप है कि इसके लिए पीड़ित परिवार की अनुमति नहीं ली गई। इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की खासी आलोचना हो रही है।
दूसरी ओर, अधिकारियों का कहना है कि लड़की की अंत्येष्टि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही की गई थी। राज्य सरकार के मुताबिक कुछ लोग इस घटना की आड़ में जातीय तनाव को हवा देना चाहते हैं। सरकार ने फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट के हवाले से मामले में बलात्कार के आरोप से इनकार किया है। केंद्र ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।


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