उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में न्याय नहीं मिलने से आहत हुई बलात्कार पीड़िता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा, जिसके बाद स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) चुन्ना सिंह को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला का हाल ही में कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था। उसके पति ने दावा किया कि उसने उसी गांव के अनिल की आरोपी के रूप में पहचान की थी, लेकिन पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई करने में विफल रही।
एसपी ने कहा, ‘थाना प्रभारी चुन्ना सिंह को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।” पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने कई बार पुलिस से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शनिवार को महिला थाने पहुंची और बाद में जहर खा लिया। एसपी ने कहा कि उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और आजमगढ़ के सांसद अखिलेश यादव ने घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “आजमगढ़ में दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से आहत एक महिला ने थाने में आत्महत्या कर ली। यह बहुत दुख की बात है!” उन्होंने आगे कहा, ‘यह घटना बीजेपी सरकार के मुंह पर तमाचा है, जो आम आदमी को न्याय दिलाने का लंबा-चौड़ा दावा करती है। सरकार को दोषी पुलिस अधिकारियों और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”


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