रामपुर में उपचुनाव से पहले सपा ने डीएम और एसपी को हटाने की मांग की

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समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि रामपुर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यहां के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक का ट्रांसफर किया जाए।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने मांग की है कि रामपुर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यहां के जिला अधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का ट्रांसफर किया जाए। सपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला से मुलाकात की और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव के लिए दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर कराए जाने की मांग की। 
प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा में विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी, विधानपरिषद में विपक्ष के नेता अहमद हसन और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी थे। रविवार रात यहां जारी बयान में राम गोविंद चौधरी ने कहा, “रामपुर में जिला अधिकारी अंजनेय कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने जिस तरीके से डर का माहौल बनाया है, उसमें वहां निष्पक्ष चुनाव कराना असंभव है।” 
शुक्ला को दिए ज्ञापन में पार्टी ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस ने लोकसभा चुनाव के बाद एक सुनियोजित रणनीति के तहत सपा के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। 
चौधरी ने कहा, “हालिया घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि रामपुर में अधिकारी सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं और हम उनसे निष्पक्ष चुनाव कराने की उम्मीद नहीं कर सकते। दोनों अधिकारियों ने आजम खान पर झूठे मामले दर्ज कर जिले में डर का माहौल बना दिया है, और उनकी निगरानी में पारदर्शी चुनाव संभव नहीं है।” 
पार्टी नेताओं ने दावा किया कि रामपुर के डीएम और एसपी ने लोकसभा चुनाव के बाद आजम खान और उनके परिवार का उत्पीड़न करने के लिए उनके खिलाफ 86 झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। उन्होंने आजम खान के खिलाफ दर्ज मामलों और पुलिस कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपी। 
उत्तर प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 21 अक्टूबर को होंगे। हालिया लोकसभा चुनाव में आजम खान के सांसद बनने के बाद यहां चुनाव होने हैं। यहां नौ बार विधायक रहे आजम ने चुनाव में भाजपा उम्मीदवार जया प्रदा को हराया था। 

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