उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले में एक सिपाही ने पत्नी और सात बच्चों की हत्या के बाद खुद ने ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली। इस घटना में दंपत्ति की मौत हो गई वहीं तीन बच्चों की स्थिति गम्भीर बनी हुई है। गृहक्लेश के चलते सिपाही ने इस वारदात को अंजाम दिया।
जिले के दिलदारनगर क्षेत्र में उसिया गांव निवासी मुंशी यादव (42) प्रयागराज में तैनात था। उसका स्थानांतरण बीते जनवरी में फतेहपुर हुआ था। वह वहां पुलिस लाइन में आमद कराकर बीमारी का बहाना कर पांच जनवरी से ही मेडिकल लीव पर छुट्टी लेकर घर आ गया था। वह अपने परिवार के साथ रात में छत पर सोया था।
शनिवार की सुबह किसी बात को लेकर उसकी पत्नी रीना देवी (38) से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आए सिपाही ने अपनी पत्नी के सिर और गले पर धारदार हथियार से वार कर कर दिया। चीखने की आवाज सुनकर पुत्री नेहा (16), रीतू (13), नीतू (10) और वर्षा (8) की नींद टूट गई।
उनके शोर मचाने से सिपाही ने धारदार हथियार से हमलाकर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद सो रही पुत्री सुधा (6), कृष्णा (2) और श्याम (7) के उपर भी जानलेवा हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूत्रों ने बताया कि बच्चों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आरोपी के बड़े भाई की पत्नी घटनास्थल पर पहुंची। सभी को लहूलुहान देखकर बेहोश होकर गिर पड़ी।
आवाज सुनकर ग्रामीण घटना स्थल के तरफ दौड़ पड़ा और वारदात की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दी जहां रीना देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं सुधा, कृष्णा और श्याम की हालत नाजुक बनी हुई है।
उधर वारदात को अंजाम देकर आरोपी सिपाही मुंशी यादव ने ककरही डेरा के सामने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष कमलेश पाल ने बताया कि घटना का कारण प्रथम दृष्ट्या पारिवारिक कलह सामने आ रहा है। वैसे मामले की छानबीन की जा रही है।


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