उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुहर्रम के 10वें दिन आशुरा के लिए मंगलवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिसमें राजधानी के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन की तैनाती के साथ 3,500 से अधिक पुलिस कर्मियों, मोबाइल पेट्रोलिंग दस्तों, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टीमों को तैनात किया गया है।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी नजर
यूपी सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, अफवाह फैलाने वालों का मुकाबला करने के लिए एक विशेष सोशल मीडिया निगरानी प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। लखनऊ के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), पश्चिम एस. चिनप्पा ने कहा, “हमने संवेदनशील क्षेत्रों के लिए पूरे शहर को पांच क्षेत्रों और 18 सेक्टरों में प्रभावी तरीके से विभाजित किया है।”
एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि निरीक्षक से लेकर कांस्टेबल रैंक तक के 2,500 से अधिक अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को केवल पुराने शहर में ही तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, “क्षेत्र में किसी भी तरह की परेशानी को टालने के लिए असैन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के अलावा पीएसी और आरएएफ को तैनात किया गया है।”
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अधिकारी ने कहा कि विभिन्न मार्गो पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि जुलूस के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को बॉडी कैम से लैस किया जाएगा। इसके अलावा, ड्रोन पूरे क्षेत्र पर एक हवाई निगरानी रखेंगे और मुहर्रम के दौरान शांति सुनिश्चित करने के लिए मोटरसाइकिल मोबाइल इकाइयां पूरे पुराने शहर में गश्त करेंगी।
अधिकारी ने कहा कि “दोनों समुदायों के धर्मगुरुओं और अन्य प्रभावशाली लोगों को किसी भी तरह की अफवाह और परेशानी की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन इस दौरान हर घटनाक्रम को साझा करता रहेगा, ताकि अफवाह फैलाने वालों के बहकावे में न आएं।”


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