भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने आरोप लगाया कि सरकार की शह पर ही भाकियू में तोड़फोड़ कर अलग संगठन बनाया गया है। भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने शनिवार शाम एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 13 महीने तक चले किसान आंदोलन में सब साथ रहे, अब संगठन मे कांटे निकल रहे हैं।
भाकियू का संगठन व आदोंलन जनता चलाती हैं किसी के जाने कोई फर्क नही पड़ता
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की शह और सरकार के खर्चे पर उनके संगठन मे तोड़.फोड़ कर नया किसान संगठन बनाया गया और यह सरकार का संगठन है। टिकैत ने कहा कि भाकियू के आंदोलन और संगठन जनता चलाती है, इसलिए किसी के जाने से भाकियू पर फर्क नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के संस्थापक महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर रविवार (15 मई) को संगठन दो फाड़ हो गया। एक वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी राजेश चौहान ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के नाम से अलग गुट बनाने का ऐलान कर दिया था। भाकियू (अराजनीतिक) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी हरिनाम सिंह ने कहा था, ‘‘संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान ने महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के गठन की घोषणा की है।’’
आपको बता दे कि भाकियू में अब से पहले भी कई तोड़फोड़ हो चुकी हैं । लेकिन भाकियू फिर से पूरे दमखम के साथ ऊपर उठ जाता हैं। सियासी ताल्लुकात के चलते टिकैत भाईयों से कार्यकर्ता नाराज चलते रहते हैं । लेकिन मंहेंद्र सिंह के टिकैत निधन के बाद से ही भाकियू व सियासत का दामन -चोली का रिश्ता रहा हैं । भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत दो बार चुनाव लड़कर जमानत जब्त करा चुके हैं ।


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