जल निगम नगरीय में सख्त कदम: रविंद्र कुमार ने अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया जोर

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Urban Water Corporation: जल निगम नगरीय के प्रबंध निदेषक रविन्द्र कुमार के पदभार ग्रहण करने के बाद ही उनका लाइन ऑफ एक्षन बहुत साफ नजर आ रहा है, प्रबंध निदेशक ने विभागीय अधिकारियों को शुरुआत में ही साफ शब्दों में कहा कि कार्याे में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। विभाग में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जाएगा, दोषी पाये जाने पर किसी कीमत पर बख्षा नहीं जाएगा। विभाग में जल्द ही चीफ इंजीनियरों के कार्यो को लेकर उनका रिर्पोट कार्ड तैयार किया जाएगा। प्रबंध निदेशक ने कहा कि फाइलों को एक-दूसरे की मेज पर घुमाना समाधान…

Urban Water Corporation: जल निगम नगरीय के प्रबंध निदेषक रविन्द्र कुमार के पदभार ग्रहण करने के बाद ही उनका लाइन ऑफ एक्षन बहुत साफ नजर आ रहा है, प्रबंध निदेशक ने विभागीय अधिकारियों को शुरुआत में ही साफ शब्दों में कहा कि कार्याे में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। विभाग में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जाएगा, दोषी पाये जाने पर किसी कीमत पर बख्षा नहीं जाएगा।

विभाग में जल्द ही चीफ इंजीनियरों के कार्यो को लेकर उनका रिर्पोट कार्ड तैयार किया जाएगा। प्रबंध निदेशक ने कहा कि फाइलों को एक-दूसरे की मेज पर घुमाना समाधान नहीं है। अब परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनानी होगी, जिसमें हर अधिकारी के कार्य का आकलन उसके आउटपुट से किया जाएगा।

जल निगम में कार्यों की समयबद्धता पर जोर

उन्होंने कहा कि शहरों में जलापूर्ति, सीवर व्यवस्था और स्वच्छता से जुड़े कार्य सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जुड़े होते हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रबंध निदेशक ने कई परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की गहन समीक्षा की। उन्होंने पाया कि अनेक योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, जबकि बजट और संसाधन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सीधे सवाल पूछे और देरी के कारणों की स्पष्ट व्याख्या मांगी। जिन मामलों में जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, वहां कड़ी फटकार लगाई गई। उन्होंने साफ कहा कि विभाग में जितने भी चीफ इंजीनियर हैं सबके कार्यो की समीक्षा गहनता से की जाएगी।

Managing Director Ravindra Kumar: ‘फाइलों को एक-दूसरे की मेज पर घुमाना समाधान नहीं’

प्रबंध निदेशक ने कहा कि फाइलों को एक-दूसरे की मेज पर घुमाना समाधान नहीं है। अब परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनानी होगी, जिसमें हर अधिकारी के कार्य का आकलन उसके आउटपुट से किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं के लिए समयबद्ध कार्य योजना तैयार की जाए साथ ही, फील्ड में जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में किया जाए और इसकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारी स्वयं करें। शिकायतों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात भी स्पष्ट रूप से कही।

समय पर वेतन और स्थायी समाधान की कोशिश

उन्होंने कर्मचारियों के वेतन संबधिकत मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की, उनका कहना है कि पूरी कोशिश की जाएगी कि कर्मचारियों का वेतन समय पर मिले और समस्या का स्थायी समाधान हो सके। प्रबंध निदेशक का यह सख्त और स्पष्ट रुख जल निगम नगरीय के लिए एक नई शुरुआत साबित हो सकता है। अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ यदि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करें, तो विभाग न केवल अपनी छवि सुधार सकेगा, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी जीत पाएगा।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।