उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रोड रेज के कारण हुई एक घटना में दो दलित युवकों को सार्वजनिक रूप से बेल्ट से पीटा गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित युवकों की बाइक की टक्कर सामने से आ रहे वाहन से हो गई। इसके चलते बहस शुरू हो गई और बाद में युवकों की पिटाई की गई व जातिसूचक शब्द भी कहे गए।
इस मामले में नामजद लोगों की पहचान आकाश यादव और शिवम यादव के रूप में हुई है। पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित राज रावत अपने रिश्तेदार शिव रावत के साथ बाइक से किसी काम से जा रहा था, तभी यह घटना हो गई। पीड़ित ने पुलिस को दी अपनी एफआईआर में कहा कि आरोपी आकाश यादव ने राज रावत को गाली देना शुरू कर दिया, जब इसका विरोध किया तो वह भड़क गया और बेल्ट से राज को पीटना शुरू कर दिया और उसको जातिवादी सूचक शब्द भी कहे।
आरोपियों ने पीड़ितों को दी धमकी
हालांकि, मामला दर्ज कराने वाले पीड़िता के भाई आनंद रावत ने कहा कि आकाश ने विवाद में हस्तक्षेप करने पर शिव रावत की भी पिटाई की। उन्होंने कहा कि एक अन्य आरोपी शिवम ने बाद में राज को फोन किया और पुलिस को मामले की सूचना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
इस बारे में डीसीपी (नॉर्थ जोन) कासिम आबिदी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि आरोपी और पीड़ित पूर्व में एक-दूसरे से परिचित नहीं थे और न ही उनकी कोई दुश्मनी थी। उन्होंने कहा, ‘एसटी/एससी अधिनियम के खिलाफ अत्याचार की रोकथाम के आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और जांच चल रही है।’


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