सोशल मीडिया पर पिछले दिनों एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें एक सरकारी अस्पताल में इंटर्न्स और गार्ड को पार्टी करते हुए देखा गया था। इस वायरल वीडियो के आधार पर प्रशासन ने पुलिस को जांच के आदेश दिए थे। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने चार सुरक्षा गार्डो को बर्खास्त कर दिया है और 11 फार्मेसी छात्रों की इंटर्नशिप बंद कर दी है, क्योंकि एक वायरल वीडियो में उन्हें अस्पताल परिसर में हंगामा करते और जन्मदिन की पार्टी मनाते देखा गया था।
वही, छात्रों को अपने-अपने कॉलेजों में वापस रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है, जहां से वे इंटर्नशिप के लिए पहुंचे थे। इन छात्रों ने अपनी तीन महीने की इंटर्नशिप अवधि का एक महीना पूरा कर लिया था। निदेशक सिविल अस्पताल डॉ. आनंद ओझा ने कहा, ‘कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है और नियम तोड़ने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’
उपमुख्यमंत्री ने दिए थे जांच के आदेश
इसी के साथ अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी सिंह ने कहा, ‘हम इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं करते और सुरक्षा के लिए जनशक्ति प्रदान करने वाली एजेंसी के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को एक वायरल वीडियो की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया था, जिसमें फार्मेसी के छात्रों को जन्मदिन समारोह के दौरान हंगामा करते देखा गया था। समिति ने सोमवार को वीडियो की जांच की और लोगों की पहचान की।


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