उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अमनगढ़ टाइगर रिजर्व (एटीआर) को बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना बना रही है। 80 वर्ग किलोमीटर के एटीआर को ईकोटूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से विकसित किया जाएगा। इसे 2012 में अधिसूचित किया गया था लेकिन पर्यटकों के लिए अब तक यह अविकसित रहा।
बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सड़क, बुकिंग कार्यालय, आवास, प्रशिक्षित गाइड, वाहन, स्टाफ, कैंटीन और एक प्रवेश द्वार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इसे टाइगर रिजर्व घोषित करने के पीछे का मुख्य कारण क्षेत्र में बाघों की आबादी है। दिसंबर 2020 में बाघों की संख्या रिजर्व में 27 से अधिक थी। जबकि 2012 में रिजर्व में बाघों की संख्या 13 थी। अमनगढ़ में लगभग 100 हाथी और तेंदुओं की अच्छी-खासी आबादी है। यह उत्तर प्रदेश का तीसरा टाइगर रिजर्व है, अन्य दो दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व हैं।


Download Android App
Download iOS App



