कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले गैंगस्टर विकास दुबे के भाई दीपक दुबे ने लखनऊ की एक अदालत में सरेंडर कर दिया है। उसने मंगलवार शाम को चुपचाप आत्मसमर्पण कर दिया।
अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। राज्य पुलिस ने उस पर 20,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। दीपक के आत्मसमर्पण करने की भनक पुलिस और मीडिया को नहीं थी। बुधवार को ही उसके आत्मसमर्पण की खबर आई थी।
दीपक बिकरू हत्याकांड के बाद से फरार था और शुक्रवार को लखनऊ पुलिस ने उसकी लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। दीपक दुबे के खिलाफ लखनऊ के कृष्णा नगर पुलिस स्टेशन में जालसाजी और उगाही का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस 3 जुलाई को बिकरू हत्याकांड के बाद से दीपक को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा। सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में मारे जाने की आशंका के चलते दीपक सोमवार रात से ही अदालत परिसर में छिपा हुआ था और अदालत परिसर में पुलिस की नाममात्र की उपस्थिति होने पर अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।


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