कुन्नूर हेलीकॉप्टर क्रैश : MI-17 हेलीकॉप्टर उड़ाने में माहिर थे पृथ्‍वी सिंह चौहान, हादसे में गई जान

Summary :

कुन्नूर में हादसे का शिकार होने वाले MI-17 हेलीकॉप्टर को आगरा के जांबाज विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान उड़ा रहे थे। हेलिकॉप्टर क्रैश में पृथ्वी सिंह की भी जान चली गई।

तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए MI-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत समेत कुल 13 लोगों का निधन हो गया। हादसे का शिकार होने वाले MI-17 हेलीकॉप्टर को आगरा के जांबाज विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान उड़ा रहे थे। हेलिकॉप्टर क्रैश में पृथ्वी सिंह की भी जान चली गई।
विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान दयालबाग के सरन नगर के रहने वाले थे। उनका घर न्‍यू-आगरा इलाके में है। MI-17 हेलीकॉप्टर उड़ाने में विंग कमांडर पृथ्‍वी सिंह चौहान की दक्षता के वायुसेना के अधिकारी भी कायल थे। सूडान में विशेष ट्रेनिंग लेने के बाद पृथ्‍वी की गिनती वायुसेना के जांबाज लड़ाकू पायलट्स में होती थी। 

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इकलौते बेटे की मौत से सदमे में परिवार 
जांबाज विंग कमांडर की हादसे में मौत के बाद उनके घर पर पड़ोसी व रिश्तेदार जुटने लगे हैं। इकलौते बेटे की मौत से उनका पूरा परिवार सदमे में हैं। पृथ्वी सिंह की शादी हो चुकी थी और उनकी एक बेटी और बेटा है। वे परिवार के साथ वायु सेना परिसर में रह रहे थे। पिता सुरेंद्र सिंह व मां सुशीला देवी सरन नगर स्थित घर में हैं। 
वायुसेना ज्वाइन करने के बाद पृथ्वी को पहली तैनाती हैदराबाद में मिली थी। इसके बाद वे गोरखपुर, गुवाहाटी, ऊधमसिंह नगर, जामनगर, अंडमान निकोबार सहित अन्य एयरफोर्स स्टेशनों पर भी तैनात रहे। उन्हें एक वर्ष की विशेष ट्रेनिंग के लिए सूडान भी भेजा गया था। वे काफी प्रतिभाशाली और अनुभवी पायलट थे।

Desk Team