उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति पर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 की 11 सदस्यीय टीम के साथ बैठक की। बैठक में कोरोना योद्धाओं के साथ अभद्रता और लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त सजा के प्रावधान के लिए एक अध्यादेश लाने पर विचार किया गया। बता दें कि देश के अलग-अलग हिस्सों से कोरोना योद्धाओं के साथ अभद्रता और मारपीट के मामले सामने आ रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार योगी सरकार ‘उत्तर प्रदेश महामारी नियंत्रण अध्यादेश 2020’ लाने पर विचार कर रही है। अधिकारी ने बताया कि इस अध्यादेश में कोरोना वायरस महामारी के बीच आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे चिकित्सा एवं सफाई कर्मियों, पुलिसकर्मियों समेत तमाम ‘कोरोना योद्धाओं’ से अभद्रता और लॉकडाउन का उल्लंघन करने, सार्वजनिक स्थलों पर थूकने और क्वारंटाइन सेंटर से भागने वालों के खिलाफ सख्त सजा के प्रावधान होंगे।
उत्तर प्रदेश : कोविड-19 से उबरे तमाम तबलीगी जमाती अपना प्लाज्मा देने को तैयार, फिलहाल योजना टली
अधिकारी ने बताया कि इस अध्यादेश के तहत उल्लंघनकारियों को 7 साल तक की कैद की सजा और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किए जाने की योजना है। इस अध्यादेश का मकसद स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस बल समेत कोविड-19 महामारी से बचाव में सहयोग कर रहे लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है। केंद्र सरकार ने भी हाल में इसी तरह की पहल की है।


Download Android App
Download iOS App



