‘घर में पधारो गजानन जी’ गणेश जी का ये लोकप्रिय भजन आपके घर में लाएगा सौहार्द, यहां देखें पूरे Lyrics

Summary :

Ganesh Ji Bhajan Lyrics: हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। देवों के देव महादेव और माता पार्वती के पुत्र भगवान श्री गणेश को विघ्नकर्ता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि हर बुधवार के दिन जो भक्त इस दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना और आरती करते हैं। उनके सभी रूके हुए काम पूरे काम हो जाते हैं और उसके जीवन के सारे विघ्न दूर हो जाते हैं। इस लेख में गणेश जी के लोकप्रिय भजन ‘घर में पधारो गजानन जी’ के बोल और गणेश आरती बताई गई है, जो आप गा सकते हैं। Ganesh…

Ganesh Ji Bhajan Lyrics: हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। देवों के देव महादेव और माता पार्वती के पुत्र भगवान श्री गणेश को विघ्नकर्ता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि हर बुधवार के दिन जो भक्त इस दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना और आरती करते हैं। उनके सभी रूके हुए काम पूरे काम हो जाते हैं और उसके जीवन के सारे विघ्न दूर हो जाते हैं। इस लेख में गणेश जी के लोकप्रिय भजन ‘घर में पधारो गजानन जी’ के बोल और गणेश आरती बताई गई है, जो आप गा सकते हैं।

Ganesh Ji Bhajan Lyrics: ‘घर में पधारो गजानन जी’ भजन

Ganesh Ji Bhajan Lyrics
Ganesh Ji Bhajan Lyrics (Photo: AI Generated)
घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो।
रिद्धि सिद्धि लेके आओ गणराजा, मेरे घर में पधारो।
घर में पधारो गजाननजी।
राम जी आना, लक्ष्मण जी आना।
संग में लाना सीता मैया, मेरे घर में पधारो।

घर में पधारो गजाननजी।

ब्रह्मा जी आना, विष्णु जी आना।

भोले शंकर जी को ले आना, मेरे घर में पधारो।

घर में पधारो गजाननजी।

लक्ष्मी जी आना, गौरी जी आना।

सरस्वती मैया को ले आना, मेरे घर में पधारो।

घर में पधारो गजाननजी।

विघ्न को हरना, मंगल करना।

कारज शुभ कर जाना, मेरे घर में पधारो।
घर में पधारो गजाननजी।

Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics: गणेश जी की आरती

Ganesh Aarti Lyrics
Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics (Photo: AI Generated)
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा।जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी,
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी।

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

भगवान गणेश की जय, पार्वती के लल्ला की जय, ओम गं गणपतये नमः

Ganesh Aarti Lyrics
Ganesh Aarti Lyrics (Photo: AI Generated)

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।