Sawan me Rudrabhishek ke Niyam: सावन में घर पर कराने जा रहे हैं रुद्राभिषेक? जरूर ध्यान रखें वास्तु से जुड़े ये 5 नियम, तभी सफल होगी पूजा

Summary :

सावन मास में भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। घर पर रुद्राभिषेक करते समय वास्तु से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना पूजा को सफल और फलदायी बनाता है, जिससे घर में सुख-शांति आती है।

Sawan me Rudrabhishek ke Niyam: इस समय सावन का पावन महीना चल रहा है। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय होता है, इसलिए इस दौरान उनकी पूजा का खास महत्व होता है। अगर भक्त सच्चे मन से भोलेनाथ की अराधना करें, तो उनपर शिव जी की कृपा बनी रहती है। सावन में बहुत से लोग अपने घर पर रुद्राभिषेक करवाते हैं। सही नियम और तरीके से शिवलिंग की पूजा-अभिषेक करने से घर में सुख और शांति आती है। अगर आप भी घर पर रुद्राभिषेक कराने जा रहे हैं, तो वास्तु से जुड़ी इन 5 बातों को जरूर ध्यान में रखें, तभी आपकी पूजा सफल मानी जाएगी।

सावन में रुद्राभिषेक के नियम

Sawan me Rudrabhishek ke Niyam
Sawan me Rudrabhishek ke Niyam (AI Generated)

1. पूजा के लिए सही दिशा चुनें

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) सबसे पवित्र माना जाता है। रुद्राभिषेक के लिए इसी दिशा का चुनाव करें। इस जगह को बहुत अच्छे से साफ करें। सफाई के बाद वहां गंगाजल छिड़कें। ध्यान रखें कि जहां शिवलिंग और शिव परिवार की स्थापना हो रही है, वह जगह एकदम साफ-सुथरी हो।

2. मेन गेट की सफाई करें

पूजा वाले दिन घर के मुख्य दरवाजे की अच्छे से सफाई करें। एक बर्तन में पानी लेकर उसमें थोड़ा गंगाजल मिलाएं और उसे मेन गेट पर छिड़कें। इसके साथ ही दरवाजे पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं। वास्तु के अनुसार, तोरण लगाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है। तोरण लगाने के बाद दरवाजे के दोनों तरफ स्वास्तिक का निशान भी बनाएं।

3. पूजा की जगह पर फालतू सामान न रखें

जिस कमरे में रुद्राभिषेक होना है, वहां रखा बेकार और फालतू सामान हटा दें। ध्यान रखें कि उस कमरे में पुराने कपड़े, गंदे जूते-चप्पल या चमड़े का कोई सामान न हो। पूजा की जगह पर कोई भारी सामान भी न रखें। यह जगह जितनी खुली और साफ रहेगी, उतना ही अच्छा होगा।

4. पूजा से पहले धूपबत्ती या लोबान का धुआं दिखाएं

रुद्राभिषेक वाले दिन पूरे घर की अच्छे से सफाई करें। घर में धूपबत्ती या लोबान का धुआं दिखाएं। वास्तु में इसे बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और माहौल शांत बनता है। घर का वातावरण जितना सकारात्मक होगा, पूजा उतनी ही सफल मानी जाएगी।

5. जल और पंचामृत के निकास की सही दिशा

रुद्राभिषेक के दौरान शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल, दूध और पंचामृत को बहने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा ही सबसे शुभ मानी जाती है। पूजा के दौरान ध्यान रखें कि अभिषेक का जल दक्षिण दिशा की तरफ न बहे। अगर आप घर के अंदर रुद्राभिषेक कर रहे हैं, तो नीचे कोई बड़ा बर्तन रख लें ताकि चढ़ाया गया जल और सामग्री पूरे घर में न फैले। बाद में इस पवित्र जल को घर के पौधों में डाल दें या पूरे घर में छिड़क दें। ध्यान रहे कि ये जल भूलकर भी नाली में न जाए।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।