Rudraksha Pehenne ke Niyam: रुद्राक्ष पहनने से पहले जान लें ये 8 जरूरी नियम, जानें कौन सी गलतियां बना सकती हैं इसे अशुभ

Summary :

रुद्राक्ष को हिंदू धर्म में भगवान शिव का साक्षात स्वरूप माना जाता है, जिसकी उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी। इसे धारण करने से मन को शांति, अच्छा स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, साथ ही कई परेशानियां दूर होती हैं। हालांकि, इसका पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार पहना जाए। बिना नियमों के इसे धारण करने से नुकसान भी हो सकता है।

Rudraksha Pehenne ke Niyam: हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को साक्षात भगवान शिव का स्वरूप माना गया है। माना जाता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी। इसे पहनने वाले व्यक्ति पर भगवान शिव की विशेष कृपा हमेशा बनी रहती है। इसे पहनने से मन को शांति मिलती है, सेहत अच्छी रहती है और जीवन की कई परेशानियों से छुटकारा मिलता है। रुद्राक्ष न केवल आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता है, बल्कि आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा भी भरता है। लेकिन रुद्राक्ष का पूरा फायदा आपको तभी मिलता है जब आप इसे शास्त्रों में बताए गए सही नियमों के अनुसार पहनते हैं। आजकल बहुत से लोग बिना नियम जाने ही रुद्राक्ष पहन लेते हैं, जिससे उन्हें फायदे की जगह नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। इसलिए इसे धारण करने से पहले इसके सभी नियमों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

रुद्राक्ष पहनने के जरूरी नियम (Rudraksha Pehenne ke Niyam)

Rudraksha Pehenne ke Niyam
Rudraksha Pehenne ke Niyam (Source: Social Media)
  • सोमवार, महाशिवरात्रि या सावन महीने के किसी भी दिन रुद्राक्ष को धारण किया जा सकता है।
  • बिना स्नान करें कभी भी रुद्राक्ष को न छुएं। सुबह नहाने के बाद रुद्राक्ष को शुद्ध करके ही पहनें और इसे धारण करते समय ‘ऊँ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करते रहें।
  • अपने पहने हुए रुद्राक्ष को कभी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें और न ही किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा पहना गया रुद्राक्ष खुद पहनें।
  • रुद्राक्ष पहनने से पहले रुद्राक्ष मंत्र और उसके मूल मंत्र का कम से कम 9 बार जाप जरूर करना चाहिए। इसके अलावा, जब भी आप रुद्राक्ष उतारें, तो उसे किसी पवित्र और साफ स्थान पर ही रखें।
  • रुद्राक्ष पहनकर कभी भी श्मशान घाट न जाएं। इसके अलावा, जहां किसी बच्चे का जन्म हुआ हो या नवजात शिशु के पास भी रुद्राक्ष पहनकर जाने से बचना चाहिए।
  • अगर आपने रुद्राक्ष धारण किया है, तो भोजन में मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज, सहिजन और लिसोड़ा जैसी चीजों को शामिल न करें।
  • रुद्राक्ष को हमेशा लाल या पीले रंग के धागे में ही पहनना शुभ होता है। इसे कभी भी काले रंग के धागे में न पहनें, क्योंकि काले धागे में पहनना अशुभ माना जाता है।
  • रुद्राक्ष को हमेशा साफ-सुथरा रखें। इसके दानों के छिद्रों में धूल-मिट्टी और गंदगी जमा हो सकती है, इसलिए समय-समय पर इसकी सफाई करते रहें।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।