पणजी, 18 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को पार्टी नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत के आधार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर वंदे मातरम् के पुराने संस्करण को गाना अपराध है, तो महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू तथा अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज होनी चाहिए।
खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “वे क्या शिकायत करेंगे? हमने वही वंदे मातरम् गाया, जो महात्मा गांधी ने गाया था। हमने वही गाया जो जवाहरलाल नेहरू ने गाया था। पिछले 18 वर्षों से हम वही गाते आए हैं, जो उन्होंने गाया था। यहां तक कि वाजपेयी सरकार के दौरान भी यही वंदे मातरम् गाया गया था।”
उन्होंने कहा, “अगर यह अपराध है, तो पिछले 18 वर्षों से वे भी यही अपराध कर रहे हैं। अगर यही अपराध है, तो महात्मा गांधी के खिलाफ केस दर्ज करें। अगर यही अपराध है, तो नेहरू के खिलाफ केस दर्ज करें।”
यह विवाद शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में वंदे मातरम् के गायन के दौरान सामने आया था। कांग्रेस की ओर से पहले कहा गया था कि राष्ट्रगीत की केवल पहली दो पंक्तियां गाई जाएंगी, लेकिन कार्यक्रम के दौरान गायन पूरे संस्करण तक जारी रहा।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पार्टी मुख्यालय में तिरंगा फहराया था, जिसके बाद वंदे मातरम् का गायन शुरू हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, सोनिया गांधी ने सबसे पहले इस बात पर ध्यान दिया कि गायक पूरे संस्करण का गायन जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कथित तौर पर खरगे की ओर इशारा किया और बाद में गायकों से रुकने के लिए कहा।
इस मामले में सोमवार को दिल्ली पुलिस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को कथित तौर पर बाधित करने के प्रयास को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय गीतों को लेकर उस समय प्रस्ताव पारित किया था, जब आज उनके आलोचक भी पैदा नहीं हुए थे।
उन्होंने सवाल किया, “आप जो कहेंगे, क्या वही होगा? आने वाले वर्षों में कोई दूसरी सरकार आएगी, तो क्या वह जो कहेगी, वही होगा?”
कांग्रेस अध्यक्ष ने वित्तीय सहायता रोकने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फंडिंग रोकना उचित नहीं है और अगर कोई गलती हुई है तो उसे सुधारना चाहिए।
खरगे ने कहा कि कुछ मुद्दों पर कांग्रेस खुद कदम उठा सकती है, जबकि कुछ मामलों में अन्य दलों को विश्वास में लेना होगा। उन्होंने शैक्षणिक संस्थाओं और अन्य संस्थाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता रोकने का विरोध करते हुए कहा कि अन्य दल भी इसके खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा, “अगर कोई गलती है तो उसे सुधारिए। जेल में रखिए। फंडिंग रोकने के बजाय, अगर किसी को सबसे ज्यादा फंडिंग मिल रही है तो वह आरएसएस को ही मिल रही है।”
खरगे ने इस बयान के जरिए वंदे मातरम् विवाद के साथ-साथ फंडिंग के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
–आईएएनएस
डीएससी
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