उत्पन्ना एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये 10 गलतियां, वरना सफल नहीं होगी पूजा

Summary :

Utpanna Ekadashi Par Kya Kare Kya Na Kare: हिंदू धर्म में एकादशी व्रतों का विशेष महत्त्व बताया गया है। साल में आने वाली 24 एकादशियों में से उत्पन्ना एकादशी को पहली और मूल एकादशी माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित होता है। हर साल मार्गशीर्ष माह (अगहन) के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर यह व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी दुखों का नाश होता है और साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि यदि व्यक्ति उत्पन्ना एकादशी का…

Utpanna Ekadashi Par Kya Kare Kya Na Kare: हिंदू धर्म में एकादशी व्रतों का विशेष महत्त्व बताया गया है। साल में आने वाली 24 एकादशियों में से उत्पन्ना एकादशी को पहली और मूल एकादशी माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित होता है। हर साल मार्गशीर्ष माह (अगहन) के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर यह व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी दुखों का नाश होता है और साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि यदि व्यक्ति उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखता है, तो उसे व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए, तभी व्रत सफल होता है।

Utpanna Ekadashi Par Kya Kare Kya Na Kare: व्रत के दौरान न करें ये गलतियां 

उत्पन्ना एकादशी के दिन कुछ ऐसे काम होते हैं, जिन्हें करने से जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस पूजा को बहुत ही विधि-विधान से किया जाता है, लेकिन बहुत से लोग ऐसे होते हैं। जिनको ये नहीं पता होता है कि पूजा के दौरान कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए। आइए जानते हैं, इस दौरान आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

Utpanna Ekadashi Par Kya Kare
Utpanna Ekadashi Par Kya Kare (Source: social media)

Utpanna Ekadashi Par Kya Kare: उत्पन्ना एकादशी के दिन करें ये काम

  1. इस दिन सूर्योदय से पहले पानी में गंगाजल मिलाकर उससे स्नान करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  2. उत्पन्ना एकादशी के दिन भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और देवी एकादशी की पूजा करें।
  3. शाम को तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं।
  4. उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें। रात में भजन-कीर्तन और जागरण करें।
  5. अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर ब्राह्मणों भोज का आयोजन करेंऔर दान देकर व्रत का पारण करें।

Utpanna Ekadashi Par Kya Na Kare: उत्पन्ना एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये काम

Utpanna Ekadashi Par Kya Na Kare
Utpanna Ekadashi Par Kya Na Kare (Source: social media)
  1. उत्पन्ना एकादशी के दिन चावल का सेवन करना वर्जित माना जाता है। इस दिन मटर, मसूर और चना दाल न खाएं।
  2. इस दिन कांसे के बर्तन में खाना बनाने और खाने से बचें।
  3. इस दिन साधारण नमक, तामसिक भोजन और मांस-मदिरा का सेवन भूलकर भी न करें।
  4. उत्पन्ना एकादशी के दिन व्रत रखने वाले लोग दिन में सोने से बचें।
  5. इस दिन काले या गहरे रंग के कपड़े न पहनें।
  6. इस दिन लड़ाई-झगड़े से बचें। साथ ही किसी को अपशब्द न कहें, न ही किसी से झूठ बोलें।
  7. उत्पन्ना एकादशी के दिन नाखून काटना, बाल धोना, तेल लगाना या शरीर पर साबुन लगाना भी मना होता है।
  8. इस दिन तुलसी की पूजा होती है, इसलिए तुलसी के पत्ते न तोड़ें।
  9. इस दिन बिस्तर पर सोने के बजाय, जमीन या चौकी पर सोएं।
  10. उत्पन्ना एकादशी के दिन घर को साफ रखें, लेकिन इस दिन पोंछा लगाने से बचें।

Also Read: घर में लड़ाई झगड़े के साथ नहीं हो रही है बरकत, कहीं इसका कारण वास्तु दोष तो नहीं

Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।