हाल ही में भारत सरकार ने ई सिगरेट को पूरी तरह से बैन कर दिया है और केंद्र के इस फैसले को काफी लोगों ने तम्बाकू प्रोडक्ट्स क बढ़ावा देने वाला बताया। अब सोशल मीडिया पर एक ऐसी कहानी सामने आयी है जो ई सिगरेट को लेकर आपके सारे भ्र्म तोड़ देगी और सोचने पर मजबूर कर देगी।

सिमाह हरमन नाम की इंस्टग्राम यूजर ने हाल ही में अपनी दर्दनाक कहानी सोशल मीडिया पर सबके साथ शेयर की है। 18 वर्षीय सिमाह ने अपनी कहानी में बताया ,’लगभग 2 साल पहले मुझे भयंकर मिचली की समस्या होने लगी थी। इसकी वजह से मेरा खाना, सोना और नार्मल जीना भी मुश्किल हो गया। ‘

सिमाह ने आगे लिखा,’ 2 हफ्ते पहले मुझे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सिर्फ 48 घंटे में मेरे फेफड़े फेल हो गए जिसके कारण मुझे वेंटिलेटर पर रखा गया। ” ये सब उल्टियों से शुरू हुआ और आज में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हूं।

सिमाह ने आगे लिखा, ‘Vaping और ई सिगरेट को “धूम्रपान की जगह एक स्वस्थ विकल्प माना जाता है पर ऐसा नहीं है। ये प्रचार गलत है। चाहे वह निकोटीन हो या वीड वेपिंग, दोनों ही बेहद घातक है। मैं भाग्यशाली हूं, डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी थी पर दोस्तों और परिवार की प्रार्थनाओं के असर से में एक हफ्ता वेंटिलेटर पर रहकर जिन्दा बच गयी। ‘

सिमाह ने कहा, “किसी को नहीं लगता कि ऐसा उनके साथ होगा और मैंने भी यही सोचा और वेपिंग करती रही। इस चीज ने मुझे सिर्फ 48 घंटों में ड्रग -प्रेरित कोमा में पंहुचा दिया और मेरे गले में ट्यूब डाली गयी क्योंकि मैं खुद से सांस नहीं ले पा रही थी। वेपिंग बेहद खतरनाक है और कृपया इसे न करें।”

सिमाह ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, “यह छोड़ना आसान नहीं है, निकोटीन एक बहुत ही लत लगने वाला केमिकल है लेकिन जितना अधिक आप इसे सेवन करेंगे उतनी ही अधिक मुश्किलों में आते जायेंगे। कृपया अपने परिवार और दोस्तों को वेपिंग के खतरों के बारे में बताएं क्योंकि कोई भी तब तक महसूस नहीं करता है जब तक वे इतनी गंभीर स्थिति में नहीं पहुंच जाता। “
सिमाह ने अपने पोस्ट को खत्म करते हुए लिखा , ‘ शुरू में ये साधारण निमोनिया जैसा लगता है और जब तक सही कारण का पता लगता है बहुत देर हो जाती है। इसलिए जल्द से जल्द इससे छुटकारा पाए। पोस्ट सोशल मीडिया पर आने के बाद सिर्फ 3 दिनों में, इसमें 1200 कमैंट्स और 25,000 से अधिक लाइक्स मिल चुके है।



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