ट्रैफिक में फंसे एम्प्लॉई कई बार कर जाते हैं ऐसी हरकत की भूल जाते हैं सभी सीमाएं, ‘यहां तो हद हो गई’

Summary :

हमने अक्सर देखा हैं की लोग अपनी जॉब बचाने के लिए क्या कुछ नहीं कर बैठते हैं ऐसा ही एक वाकया हमने देखा ट्रैफिक में फंसी इस मैला कर्मचारी के साथ जो ट्रैफिक में फंसने की वजह से बीच रास्ते में ही अपना लैपटॉप खोल कर बेठ गयी।

भारत का आईटी हब बेंगलुरु अपने ट्रैफिक संकट के लिए भी जाना जाता है। यहां कई बार ट्रैफिक के चलते ऐसी घटनाये भी देखने को मिलती हैं जिन्हे देख कर तो खुद कई बार अपनी ही आँखों पर यकीन नहीं हो पाता हैं। शहर में यात्रा करने से घंटों कीमती समय बर्बाद हो सकता है और ट्रैफिक जाम में फंसी महिला की अपने लैपटॉप पर काम करने की यह तस्वीर ठीक यही साबित करती है कि वाकई ट्रैफिक संकट जितना छोटा सुनने में लगता हैं उतना छोटा होता नहीं हैं।
वायरल हुई इस तस्वीर में, हम एक महिला को देख सकते हैं, जो कथित तौर पर एक आईटी पेशेवर है, जो अपने लैपटॉप पर काम कर रही है और बेंगलुरु की भीड़भाड़ वाली सड़कों के माध्यम से एक रैपिडो बाइक पर पीछे बैठी है। ऐसा प्रतीत होता है कि लड़की ऑफिस जा रही है और ट्रैफिक जाम के कारण देर से काम करना शुरू किया होगा।
ट्रैफिक में फंसे तो हारकर सड़क पर ही खोल लिया लैपटॉप
ट्विटर पर सबसे पहले शेयर की गई यह तस्वीर ऑनलाइन लोगो के बीच खूब सुर्खियां बटोर रही है। लोग इन तस्वीरो को देख तरह-तरह की टिप्णिया दे रहे हैं। तस्वीर को शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “ऑफिस के लिए रैपिडो बाइक राइड पर काम करती महिला.” इसी तरह, एक महिला की अपने लैपटॉप पर काम करते हुए ऑटो की सवारी करते हुए एक और तस्वीर भी वायरल हो रही है।

तस्वीरों ने एक बार फिर घर से काम करने पर बहस छेड़ दी है. एक यूजर ने लिखा, ‘इसीलिए WFH की बहुत जरूरत है लेकिन आपका मैनेजमेंट चाहता है कि आपको परेशानी हो.’ एक अन्य यूजर ने लिखा, “वर्क फ्रॉम होम के साथ सब कुछ ठीक था, लेकिन कंपनियों का हुक्म मानना जरूरी है और कर्मचारियों को अपना गुलाम बनाकर भी रखना है.”
पोस्ट देखने के बाद लोगो के आ रहे हैं ऐसे कमेंट्स 
पोस्ट पर एक-दो नहीं बल्कि सैकड़ों से भी ज़्यादा कमेंट्स आ चुके हैं। एक अन्य यूजर ने कर्मचारी की मजबूरी समझते हुए कमेंट बॉक्स में लिखा, “दबाव की कल्पना करें, अपने ही शहर में खो जाने की भावना, जहां आप दिन में 10 से ज्यादा घंटे काम करते हैं. कर्मचारी बस एक ट्रैफिक-लेस रोड चाहता है, ताकि वह अपने घर से शांति से आ-जा सके और 5 किमी की दूरी तय करने के लिए लगने वाले समय का हिसाब, वो अलग.” एक चौथे यूजर ने लिखा, “अगर उसे खराब मोटरबाइक पर काम करना पड़े तो दबाव की कल्पना कीजिए. बॉस कितने संवेदनहीन हैं. लेकिन, अगर वह अपनी मर्जी से देर करती है तो उसे दोष देना चाहिए.”

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