Girls Appeal to DM: अक्सर देखा गया है कि विद्युत विभाग की लापरवाही या लोगों की अनजानियों के कारण हादसे सामने आते रहते हैं। कई बार लोग सस्ते दामों में ऐसे प्लॉट खरीद लेते हैं, जिनके ऊपर से पहले से ही हाईवोल्टेज बिजली की लाइनें गुजर रही होती हैं। ऐसे में घर बनाना या रहना दोनों ही जानलेवा साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से सामने आया एक वीडियो इसी गंभीर समस्या की ओर ध्यान खींच रहा है।
Girls Appeal to DM: दो मासूम बच्चियों की गुहार
संभल जिले के चंदौसी कस्बे से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दो छोटी बच्चियां जिलाधिकारी से अपील करती नजर आ रही हैं। बच्चियां कह रही हैं कि उनके घर की छत के ठीक ऊपर से बिजली की हाईवोल्टेज लाइन गुजर रही है। इस वजह से न तो वे सुरक्षित महसूस करती हैं और न ही अपने घर का निर्माण आगे बढ़ा पा रही हैं।
प्रशासन की तरफ़ से ये तार हटवा दिया गया है 👏 https://t.co/Hjj8tgM8kF
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) December 16, 2025
Chandausi Viral Video: छत के ऊपर से गुजरते तार, हर पल का डर
वीडियो में बच्चियां बिजली के तारों की ओर इशारा करते हुए बताती हैं कि ये तार उनके घर की छत के बिल्कुल पास हैं। वे कहती हैं कि इन तारों के कारण उन्हें हमेशा डर बना रहता है। बरसात या हवा के समय खतरा और बढ़ जाता है। बच्चियों का कहना है कि यह लाइन पिछले करीब 15 साल से बंद पड़ी है, फिर भी अब तक इसे हटाया नहीं गया है।

DM Takes Action Viral Video: डीएम से सीधी अपील
बच्चियां वीडियो में हाथ जोड़कर संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया से निवेदन करती हैं कि उनके घर के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन को हटवा दिया जाए। वे बताती हैं कि उनका घर गुलढेरा रोड पर, सरकारी ट्यूबवेल के पास चंदौसी में स्थित है। उनका कहना है कि अगर यह लाइन हट जाए तो वे अपने मकान का निर्माण पूरा कर सकेंगी और बिना डर के रह सकेंगी।

अब तक स्थिति साफ नहीं
इस मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बिजली की लाइन मकान बनने से पहले डाली गई थी या बाद में। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि अगर लाइन इस्तेमाल में नहीं है, तो उसे अब तक हटाया क्यों नहीं गया।
कौन हैं संभल के जिलाधिकारी
संभल जिले के वर्तमान जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया हैं। वे इससे पहले भी अपने सख्त और जिम्मेदार फैसलों के कारण चर्चा में रह चुके हैं। पिछले साल जुलाई में उन्होंने एक स्कूल का औचक निरीक्षण किया था, जहां कई शिक्षक ड्यूटी के समय मोबाइल फोन में व्यस्त पाए गए थे। जांच में सामने आया था कि एक शिक्षक ने अपनी ड्यूटी के कई घंटे मोबाइल चलाने और गेम खेलने में बिता दिए थे।
उम्मीद की नजरें प्रशासन पर
अब इस वायरल वीडियो के बाद लोगों की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और बच्चियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द कोई ठोस कदम उठाएगा।


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