हर इंसान जिंदगी में अपने घर का सपना देखता है और उस सपने के पूरा होने पर ग्रह प्रवेश सबसे खास पल होता है। हिंदू धर्म में नए घर में प्रवेश के लिए खास मुहुर्त निकाला जाता है और बाकायदा ग्रह प्रवेश किया जाता है। हिंदुओं में जब भी कोई व्यक्ति नया घर बनवाता है या फिर खरीदता है तो उसमें रहने से पहले ईश्वर को घर पर न्यौता देता है। इसके लिए गृह प्रवेश की पूजा कराई जाती है। ग्रह प्रवेश के भी कुछ नियम है जिनका पालन किया जाए तो घर हमेशा लाभ कराता है।

कौन सा दिन होता है शुभ
सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार कार्य प्रारंभ करने के लिए शुभ हैं।
किस दिन नहीं करना चाहिए ग्रह प्रवेश
रविवार और शनिवार के दिन ग्रह प्रवेश नहीं करना चाहिए।
गृह प्रवेश करने के लिए सबसे उत्तम माह
माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ यह सबसे उत्तम माह माना गया है।
पूजा विधि और कब करें गृह प्रवेश
सबसे पहले पंडित जी से गृह प्रवेश की तिथि और समय जरूर निकलवाएं। शुभ मुहूर्त पर भगवान गणेश का विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन करें। इसके बाद ही नए घर में प्रवेश करें।

मान्यता है कि जब भी नए घर में प्रवेश करें तो घर के मुख्य द्वार पर बंदनवार जरूर टांगे। बंदनवार यदि आम के पत्तों का हो तो यह बहुत ही शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। घर के मालिक को नारियल, हल्दी, गुड़, चावल और दूध जैसी शुभ चीजों को हाथ में लेकर प्रवेश करना चाहिए। ऐसा करने से उस स्थान पर मौजूद सभी नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है।
होली से पहले ग्रह प्रवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि नए घर में पहली होली नहीं जलाई जाती।
दीपावली से पहले, नवरात्रि के मौके पर ग्रह प्रवेश के दिन उत्तम होते हैं।
होली से पहले ग्रह प्रवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि नए घर में पहली होली नहीं जलाई जाती।
दीपावली से पहले, नवरात्रि के मौके पर ग्रह प्रवेश के दिन उत्तम होते हैं।


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