बुधवार का दिन विशेषतौर पर भगवान गणेश जी के पूजन के लिए शुभ माना जाता है। विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा करने से जीवन में आ रही सभी परेशानियों का अंत होता है। गणपति अथर्वशीर्ष में बताया गया है कि जो भी व्यक्ति गणेश जी की पूजा दुर्वांकुर से करता है वो कुबेर के समान हो जाता है। वैसे कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं। इसका मतलब यह हुआ कि इंसान के पास धन-धान्य की कभी भी कमी नहीं होती है।

बुधवार के उपाय…
भगवान जी को प्रसन्न करने का एक अन्य तरीका यह भी है कि उन्हें बुधवार के दिन मोदक का भोग जरूर लगाएं। जो भी व्यक्ति गणेश जी को मोदक का भोग लगाता है भगवान गणेश जी उनका मंगल अवश्य करते हैं। मोदक का भोग लगाने वाले की सभी मनोकामनाए पूर्ण हो जाती है। बता दें कि मोदक को अमृत मिश्रित माना गया है।

पंचामृत में एक अमृत घी होता है। घी को पुष्टिवर्धक और रोगनाशक कहा जाता है। भगवान गणेश जी को घी बहुत ज्यादा पसंद होता है। घी से गणेश जी की पूजा का काफी ज्यादा महात्म्य होता है। ऐसा माना जाता है जो भी व्यक्ति गणेश जी का पूजन घी से करता है उसकी बुद्धि तेज होती है। इतना ही नहीं गणेश जी की घी से पूजा करने से योग्यता और ज्ञान सब कुछ हासिल किया जा सकता है।
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श्रीगणेश की पूजा विधि…
-सबसे पहले सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
-इसके बाद ताम्र पत्र का श्री गणेश यन्त्र लें। अब इस यंत्र को साफ मिट्टी,नमक,निंबू से अच्छे तरीके से साफ कर लें।
-पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके आसान पर बैठें।
-सामने ही श्री गणेश यंत्र की स्थापना करें।

-भगवान गणेश जी की पूजा के लिए फूल,धूप,दीप,कपूर,रोल,लाल मौली,चंदन,मोदक आदि गणेश जी को अर्पित करें।
-अब गणेश भगवान जी की आरती करें।
-अंत में भगवान गणेश जी का स्मरण करें और ऊँ गं गणपतये नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें।


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