शिवसेना ने सेप्टिक टैंक में सफाई कर्मियों की मौत पर बुधवार को चिंता जाहिर की और अफसोस जताया कि उनकी दुर्दशा के प्रति न तो प्रशासन संवेदनशील है और न ही समाज। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने कहा कि “स्वच्छता की मांग’’ के बावजूद यह साफ नहीं है कि किसी को भी सफाईकर्मियों के परिवार का गुस्सा समझ आता है या नहीं जिन्होंने सेप्टिक टैंक या सीवर साफ करते वक्त जान गंवाई है।
पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में ये टिप्पणियां उस वक्त कीं जब सोमवार को उपनगर गोवंदी के आवासीय इलाके के परिसर में सफाई करते वक्त सेप्टिक टैंक में फंसने के बाद दम घुटने के चलते तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई थी।

शिवसेना ने आरोप लगाया कि न तो प्रशासन न ही समाज इस तथ्य के प्रति संवेदनशील है कि स्वच्छता, ‘‘स्वच्छता के सही दूतों’’ यानि सफाईकर्मियों के लिए ‘यमदूत’ बन गई है। मराठी दैनिक में कहा गया कि न सिर्फ मुंबई में बल्कि ऐसी जानलेवा घटनाएं महाराष्ट्र के ठाणे, कल्याण और नासिक तथा गुजरात और तमिलनाडु जैसे अन्य राज्यों में भी हुई है।


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