हर हप्ते में रविवार एक ऐसा दिन होता है जिसके आने का हर कोई इंतजार करता है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस में काम करने वाले सभी लोग। इस दिन का हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। हर उम्र के लोगों के लिए ये काफी ही पसंदीदा दिन होता है। इस दिन आप भी मजे से घूमते होंगे।
.jpg)
रविवार को स्कूल, कॉलेज और अधिकांश कंपनियां, कार्यालय बंद रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं? भारत में एक ऐसी जगह है जहां इंसानों को ही नहीं बल्कि जानवरों को भी रविवार को छुट्टी दी जाती है। आपको पता होगा पुराने समय में कामों को करने के लिए जानवरों का भी इस्तेमाल किया जाता है।
.jpg)
आज समय के साथ इनका इस्तेमाल काफी हद तक कम हुआ है, लेकिन आज भी आपको कई जगहों पर जानवरों से काम करवाते लोग मिल जाएंगे। जैसे गाय, भैंस, बैल जैसे जानवर लोगों को उनके काम में मदद करते हैं और उनके लिए पैसे का भी जरिया बनाते।
.jpg)
इसलिए रविवार को जिस स्थान पर इन जानवरों को आराम दिया जाता है। उनसे कोई काम नहीं कराया जाता। दरअसल इसके पीछे एक वजह है। बताया जाता है कई सालों पहले एक बैल की मौत खेत में काम करते-करते हो गई थी। इसके वजह से माना जाता है कि गाँव वालों में हप्ते में एक दिन अपने साथ-साथ जानवरो को भी आराम देने के बारे में सोचा
.jpg)
और आगे उनको अपने अमल में लाया। तब से लेकर आज तक इस परंपरा का पालन किया जाता है। आपको बता दे इस परंपरा की शुरुआत झारखंड के लातेहार नमक गांव से हुई थी। उसके बाद आसपास के गांव हरखा, मुंगर, लालगड़ी और पकरार में भी ऐसा ही किया जाने लग और आज भी यहाँ के लोग इस चीज का सही से पालन करते है।


Download Android App
Download iOS App



