तुलसी के औषधीय गुण और प्राकृतिक महत्त्व जानने के बाद आप भी घर में लगाएंगे तुलसी का पौधा

Summary :

हिंदू धर्म के अनुसार जिस घर में भी तुलसी का पौधा होता है वहां पर हमेशा सुख और समृद्धि होती है। इसलिए तुलसी का पौधा अधिकतर हिन्दू परिवारों में होता है और जल सुबह

हिंदू धर्म के अनुसार जिस घर में भी तुलसी का पौधा होता है वहां पर हमेशा सुख और समृद्धि होती है। इसलिए तुलसी का पौधा अधिकतर हिन्दू परिवारों में होता है और जल सुबह चढ़ाकर दिन की शुरआत करते हैं। क्या आप जानते हैं आपके जीवन में सुख और समृद्धि तुलसी लाती है इसके अलावा इसे औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। 
तुलसी बहुत कारगर कई बड़ी-बड़ी बीमारियों में होती है। अगर बच्चे को खेलते हुए चोट लग जाती है तो उसपर तुलसी का रस लगाने से राहत मिलती है। इतना ही नहीं तुलसी सांप के काटने पर भी फायदेमंद होती है। ऐसे ही तुलसी के अनगिनत फायदों के बारे में आपको बताते हैं। 
1. आंखों 

आंखों में रोजाना दो-दो बूंद रस श्यामा तुलसी के पत्तों का 14 दिनों तक डालने से रतौंधी सही होती है। इतना ही नहीं आप आंख की रौशनी बढ़ाने के लिए इसका रस काजल की तरह लगा सकते हैं। 
2. हृदय 

हृदय रोग के लिए तुलसी के दस पत्ते, पांच काली मिर्च और चार बादाम को पीस लें फिर उसे आधा गिलास पानी में एक चम्मच शहद के साथ लेने से आराम मिलता है। 
3. लाभदायक पीरियड्स के दिनों में

तुलसी के पत्तों का नियमित रूप से सेवन करने से Period की अनियमितता दूर हो जाती है। 
4. किडनी

तुलसी की पत्तियों को उबाल लें और फिर उसका जूस बनाकर रोजाना 6 महीनों तक शहद के साथ लेने से पथरी खत्म हो जाती है और शरीर से बाहर आ जाती है। 
5. माइग्रेन और साइनस

माइग्रेन और साइनस में तुलसी का काढ़ा पीने से आराम मिलता है। अगर आपको पुराना सिर दर्द है तो एक चौथाई चम्मच तुलसी का रस, एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ रोजाना सुबह और शाम को लेने से सिर दर्द में आराम 15 दिनों में आ जाएगा। 
6. तुलसी है सांप के काटे की ‘काट’

अगर किसी व्यक्ति को सांप काट गया है तो उसे तुरंत तुलसी खिलाने से उसकी जान को बचाया जा सकता है। इसके साथ ही तुलसी की जड़ को मक्खन या घी में घिसकर लेप बनाकर जिस जगह पर सांप ने काटा वहां पर लगा दें। 
7. दूर करे वात रोग 

तुलसी की जड़, पत्ती, डंठल, फल और बीज को मिलाकर उसका चूर्ण बना लें फिर उसमें पुराना गुड़ मिलाकर 12-12 ग्राम की गोलियां बना लें। गाय या बकरी के दूध के साथ सुबह-शाम लें गठिया व जोड़ों के दर्द में लाभ ऐसा करने से होगा। 
8. लाभकारी टीबी रोग में 

दमा और टीबी रोग में तुलसी बहुत लाभकारी होती है। दमा और टीबी रोजाना तुलसी का सेवन करने से नहीं होती है। दमा, कफ़ और सर्दी में शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से राहत मिलती है। 
9. ब्रह्मास्त्र है कुष्ठ रोग का

रोजाना तुलसी की जड़ को पीसकर और उसे सोंठ मिलाकर पानी के साथ लेने से कुष्ठ रोग में आराम मिलता है।  

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