पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को लेकर शुक्रवार को एक एेतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में नवाज को सार्वजनिक पद संभालने से आजीवन भर के लिए अयोग्य करार दिया है। अब वह कभी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। नवाज शरीफ पर चुनाव के नामांकन में गलत जानकारी देने का आरोप था। इसके साथ ही वे अब अपनी पार्टी के अध्यक्ष भी नहीं बन पाएंगे। अपदस्थ प्रधानमंत्री बीते 16 जनवरी को 13वीं बार जवाबदेही अदालत में पेश हुए थे।
नवाज शरीफ को बीते 28 जुलाई को पाकिस्तान सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया गया था। पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने पिछले साल 28 जुलाई को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नैब) को नवाज और उनके बच्चों के खिलाफ जवाबदेही अदालत में भ्रष्टाचार मामले में याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया था और ट्रायल कोर्ट को छह सप्ताह में इस संदर्भ में फैसला करने का निर्देश दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति इजाजुल अहसान को जवाबदेही अदालत की कार्यवाही में प्रगति पर नजर बनाए रखने के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त भी किया था।
एनएबी के इन तीनों मामलों में शरीफ और उनके दो बेटों हसन और हुसैन नामजद हैं, जबकि नवाज की बेटी मरियम और दामाद सफदर एक मामले में नामजद है। गौरतलब है की इसी साल फरवरी में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के तहत अयोग्य ठहराया गया कोई भी व्यक्ति राजनीतिक पार्टी का मुखिया नहीं रह सकता।
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