पाकिस्‍तान में कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर की हुई मौत, कुछ दिन पहले ही मिली थी MBBS की डिग्री

Summary :

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में कोरोना वायरस के चलते एक युवा डॉक्टर की जान चली गई है। 20 साल के युवा डॉक्टर रियाज ने कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज करते हुए दम तोड़ दिया।

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में कोरोना वायरस के चलते एक युवा डॉक्टर की जान चली गई है। 20 साल के युवा डॉक्टर रियाज ने कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज करते हुए दम तोड़ दिया। बता दें कि कोरोन वायरस के मरीजों की संख्या पाकिस्तान में 800 से ज्यादा हो गई है। जबकि छह लोगों की जान पाकिस्तान में कोरोना वायरस ने ले ली है। पाकिस्तान में ट्विटर यूजर्स डॉक्टर उसामा की मौत के बाद बहुत दुखी हो गए हैं। उन्होंने अपनी संवेदनाएं अलग-अलग ट्वीट करते हुए की हैं। 
इंफेेक्‍शन हो गया था फेफड़े और दिमाग में


ईरान के ताफ्तान से लौटे मरीज का इलाज डॉक्टर उसामा कर रहे थे। उसी दौरान कोरोना वायरस से वह संक्रमित हो गए। दो दिनों से वहल वेंटीलेटर पर थे और बीते रविवार को उनकी मौत हो गई। गिलगित-बाल्टीस्तान के उसामा रहने वाले थे और अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई उन्होंने इसी साल पूरी की थी। गिलगित-बाल्टीस्तान के डीएचक्यू हॉस्पिटल में उन्हें भर्ती किया गया था। गंभी संक्रमण उनके फेफड़े और ब्रेन टिश्यूज में हो गया था। उनकी हालत गंभीर उसके बाद से ही हो गई थी। उसामा को पाकिस्तान के लोगों ने रीयल हीरो का खिताब दे दिया है। 
इमरान खान ने कहा नहीं करेंगे लॉकडाउन

कोरोना वायरस के मामले पाकिस्तान में तेजी से बढ़ रहे हैं। इन सबके बीच देश भर में लॉकडाउन करने से प्रधानमंत्री इमरान खान ने साफ मना कर दिया है। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन देश के हालातों में करना संभव नहीं है क्योंकि गरीबी रेखा से नीचे देश की 25 प्रतिशत आबादी है। बीते रविवार को देशवासियों से इमरान खान ने अपील की कि वह खुद को सेल्फ क्वारंटाइन करने का पालन करें। बता दें कि बीते रविवार को आधी रात से सिंध प्रांत में सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया है। 
हवाला दिया गरीबी और अर्थव्यवस्‍था का

रविवार को जनता काे इमरान खान ने संबोधित करते हुए कहा कि अव्यवस्‍था की स्थिति पैदा लॉकडाउन की वजह से हो सकती है। इससे आर्थिक असंतोष पूरे देश में बढ़ जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। इमरान ने बताया है कि यूरोपियन देशों की तरह पाक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए शटडाउन जैसे विकल्पों को अपना नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्‍था पहले से ही बिखरी हुई है। अगर शेहरों को यूरोपियन देशों की तर्ज पर लॉकडाउन कर दिया गया तो वहां के लोग भूख से मर जाएंगे। 
कितने मरीज कहां पर हैं

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कोरोना वायरस के 15 केस हैं तो वहीं पंजाब प्रांत में अब तक 352 केस हैं। पख्तूनख्वां में 31 केस, बलूचिस्तान में 108 केस, गिलगित बाल्टीस्तान में अब तक 71 केस और पीओके में 72 केस हैं। पाकिस्तान में अब तक 5 लोग कोराेना वायरस से ठीक हो गए हैं। देशवासियों से पिछले दिनों इमरान ने कहा है कि अगर उनमें कोरोन के लक्षण नजर आए तो वह डरे नहीं और अपने घर पर ही रहें। इमरान ने दावा किया है कि कोरोना टेस्ट जिन 97 प्रतिशत लोगों के पॉजिटिव आए हैं वह पूरी तरह से स्वस्‍थ हो जाएंगे। सामान्य बुखार की ही तरह हल्का बुखार 90 प्रतिशत लोगों को महसूस  हो सकता है। 

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