इस साल 29 जनवरी बुधवार यानी कल वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। वसंत पंचमी हर साल माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर पड़ती है। ज्ञान की देवी माता सरस्वती को वसंत पंचमी का त्योहार समर्पित किया जाता है।

हिंदू शास्त्रों में कहा गया है कि माता सरस्वती का जन्म इस दिन यानी वसंत पंचमी के दिन हुआ था। यही वजह है कि माता सरस्वती की पूजा वसंत पंचमी के दिन करने का विधान है। लेकिन कुछ मुख्य बातें होती हैं जिनका विशेष तौर पर सरस्वती पूजा के समय ध्यान रखना होता है। चलिए बताते हैं आपको उन बातों के बारे में-
-बिना स्नान किए भोजन वसंत पंचमी के दिन नहीं करना चाहिए।

-रंग-बिरंगे कपड़ों की जगह पीले कपड़े इस दिन धारण करने चाहिए।

-पेड़-पाैधों को भूलकर भी वसंत पंचमी के दिन नहीं काटना चाहिए।

-अपशब्द भी किसी को वसंत पंचमी के दिन नहीं कहने चाहिए।

-किसी के साथ गाली-गलौज व झगड़ा करने से इस दिन बचें।

-मांस-मदिरा का सेवन भी वसंत पंचमी के दिन नहीं करें।

-ब्रह्मचर्य का पालन इस दिन करना जरूरी होता है।
ये है वंसत पंचमी की पूजा-विधि
माता सरस्वती की पूजा स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में की जाती है। इसके साथ ही घर में भी माता सरस्वती की पूजा करते हैं। माता सरस्वती की पूजा घर में करते समय इन सभी बातों का ध्यान विशेष तौर पर करना चाहिए। पीले फूल सुबह नहाकर माता सरस्वती को चढ़ाएं।

माता सरस्वती की वंदना इसके बाद पूजा के समय करें। वाद्य यंत्र और किताबें पूजा के स्थान पर जरूर रखें साथ ही पूजा के समय बच्चों को भी वहां पर बैठाएं। वसंत पंचमी के दिन तोहफे में बच्चों को पुस्तकें दें। पीले चावल या पीले रंग का भोजन इस दिन खाएं।


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