ताज होटल के नियमों में क्या कहा गया है? वेटर को थप्पड़ मारने वाला ग्राहक हमेशा के लिए BLACKLIST!

Summary :

आगरा के ताज होटल में वेटर को थप्पड़ मारने की घटना के बाद होटल प्रबंधन ने सख्त कदम उठाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्राहक को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इस घटना ने कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और अच्छे व्यवहार के महत्व को उजागर किया। जानिए ताज होटल के नियम क्या कहते हैं और ऐसी घटनाओं पर होटल प्रबंधन कैसे कार्रवाई कर सकता है।

अगर आप भी किसी संस्थान के कर्मचारी हैं और अपने साथ कोई तीसरी बदसलूकी करते हैं तो ऐसे में कई बड़े एक्शन के नियम बने हुए हैं। इसी बीच आगरा के ताज होटल से एक ताजा मामला सामने आया है। होटल ताज में एक ग्राहक ने कथित तौर पर वहां के वेटर को पीटा जिसके बाद यह मामला और भी गरमा गया। खबर है कि वेटर को ग्राहक ने सिर्फ इसलिए थप्पड़ मारा क्योंकि वेटर सही से अंग्रेजी नहीं बोल पा रहा था। होटल का संचालन करने वाली कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक, परितोष लधानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर इस घटना के बारे में जानकारी दी की। इसके बाद, इस मामले में कई कठोर कदम उठाए गए हैं। तो, आइए पूरी घटना के बारे में जानते है और साथ ही जानेंगे कि जब कोई तीसरा या बाहरी लोग कंपनी के कर्मचारी से गलत व्यवहार करता है, तो कंपनी उसके खिलाफ क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं।

लिंक्डइन पर दी घटना की जानकारी

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लिंक्डइन पर दी गई कंपनी की जानकारी के मुताबिक, आगरा होटल ताज में जब कांता ग्राहक को खाना पड़ोस रहे थे, तभी दोनों के बीच किसी चीज को लेकर बातचीत हुई और ग्राहक को इसी दौरान गलतफहमी हो गई। कांति अंग्रेजी अच्छी तरह नहीं बोल पाते थे। इसी बात को लेकर ग्राहक ने कथित तौर पर वेटर को थप्पड़ मार दिया। यह घटना कंपनी संयुक्त प्रबंध निदेशक परितोष के लिए बहुत चिंताजनक रहा। उनके अनुसार, कांति बस अपना काम कर रहे थे, तभी बातचीत के दौरान हुई एक गलतफहमी की वजह से उनके साथ ऐसा बर्ताव किया गया। लिंक्डइन पर इस घटना के बारे में बताते हुए, परितोष ने कहा कि किसी भी ग्राहक को होटल के कर्मचारी के साथ बुरा बर्ताव करने या उन पर हाथ उठाने का कोई अधिकार नहीं है।

वेटर की बात सुनते ही सोच में पड़ गए ताज के प्रबंधक

इतना ही नहीं परितोष आगे लिखते हैं, “हमारे होटल के वेटर थप्पड़ खाने के बाद भी इस घटना की जानकारी या शिकायत मैनेजमेंट से नहीं की। इसके बाद परितोष आगे लिखते है कि जब मैनें कांति से इस बारे में बातचीत की और उनसे पूछा कि आपने इस बारे में पहले क्यों नहीं बताया, तो कांति ने इसकी वजह बताई। कांति आगरा के पास एक गाँव का रहने वाले हैं। कांति ने परितोष से कहते है कि मुझे डर था कि अगर ग्राहक की शिकायत कंपनी से करेंगे तो कंपनी हमें नौकरी से निकाल देगी। इसी कारण से मैनें कोई शिकायत नहीं की। कांति की बात सुनते ही परितोष सोच में पड़ गए और उन्हें लगा कि कर्मचारी नौकरी बचाने के लिए कई बार अपमान सहने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इसलिए, कर्मचारी की मदद करना कंपनी प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

हमेशा के लिए ब्लैकलिस्टेड हुआ कस्टमर

इस बात पर विचार करते हुए परितोष सख्त कदम उठाए और उन्होंने ग्राहक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि अगले ही दिन, उस ग्राहक के होटल में आने पर हमेशा के लिए रोक लगा दी गई यानी उस कस्टमर का नाम ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। परितोष ने साफ कर दिया कि कोई व्यक्ति चाहे कितना भी अमीर या प्रभावशाली क्यों न हो, उसे होटल के कर्मचारियों के साथ बुरा बर्ताव करने का कोई अधिकार नहीं है। कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा को देखते हुए होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी है, और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

क्या है ताज होटल के नियम एवं शर्तें?

क्र. सं.

मुख्य नियम

आसान में समझें 

1.

बुकिंग और भुगतान

कमरा बुक करने के लिए एडवांस पैसे देने पड़ सकते हैं।

2.

कर्मचारियों का सम्मान

होटल के कर्मचारियों के साथ बदतमीजी या मारपीट नहीं करनी चाहिए।

3.

हथियार

होटल में हथियार ले जाना मना है।

4.

शराब

शराब पीने के लिए कानून और होटल के नियम मानने जरूरी हैं।

5.

बाहर का खाना

बाहर से खाना लाने पर होटल के नियम लागू होते हैं।

6.

पालतू जानवर

पालतू जानवर लाने से पहले होटल से अनुमति लें।

7.

अन्य नियम

होटल में ठहरने से पहले उसके नियम जान लें।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।