जर्मन दार्शनिक फ्रेडरिक नीत्शे के अनमोल विचारों की झलक

Summary :

जर्मन दार्शनिक फ्रेडरिक नीत्शे को पश्चिम के महान दार्शनिको में गिना जाता है। उनकी पुस्तक “ज़रथुस्त्र की वाणी” दुनिया की श्रेष्ठतम रचनाओं में गिनी जाती है।

संगीत के बिना, जीवन एक गलती होगी।

ये प्यार की कमी नहीं, बल्कि दोस्ती की कमी है जो शादियों को दुखदायी बनाती है।

जो हमें मारता नहीं है हमें मजबूत बनाता है।

मैं इसलिए दुखी नहीं हूँ कि तुमने मुझसे झूठ बोला, मैं इसलिए दुखी हूँ कि अब मैं तुम पर यकीन नहीं कर सकता।

और जो लोग डांस करते देखे गए उन्हें जो म्यूजिक नहीं सुन सकते थे उनके द्वारा पागल समझा गया।

बिना अपने ओपिनियंस के रीज़न को याद रखे अपने ओपिनियंस को याद रखना बेहद कठिन है।

प्यार में हमेशा कुछ पागलपन होता है। लेकिन पागलपन में हमेशा कोई कारण होता है।

जो कोई भी राक्षसों से लड़ता है उसे ध्यान रखना चाहिए कि इस प्रक्रिया में कहीं वो खुद ही राक्षस ना बन जाए । और अगर आप लम्बे समय तक खायी को घूरते हैं तो खायी भी आपको घूरने लगेगी।

Rahul Kumar