26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (जेयूडी) के नेता हाफिज सईद को पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी अदालत ने एक अन्य मामले में दोषी पाए जाने के बाद 15 साल की सजा सुनाई है। एक मीडिया रिपोर्ट ने शुक्रवार को यह जानाकरी दी।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, सईद के खिलाफ तीन मामलों के फैसले, जो पिछले साल से सलाखों के पीछे हैं, पहले ही सुनाए जा चुके हैं, जबकि जेयूडी लीडर के खिलाफ आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) में कई अन्य मामले लंबित हैं।
सईद के अलावा, एटीसी जज एजाज अहमद बुट्टर ने हाफिज अब्दुल सलाम, जफर इकबाल, मुहम्मद अशरफ और याहया मुजाहिद को भी 15 साल और छह महीने की कैद की सजा सुनाई, जबकि हाफिज अब्दुल रहमान मक्की को छह महीने की कैद दी गई।
रिपोर्ट में जेयूडी द्वारा जारी किए गए विवरणों के हवाले से जानकारी दी गई है। जेल की शर्तों के अलावा, दोषी पाए गए सभी लोगों को 200,000 पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। ताजा फैसला सईद और तीन अन्य को एटीसी द्वारा 19 नवंबर को दो अलग-अलग आतंक-वित्तपोषण मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद आया है।
नवंबर के फैसले में, अदालत ने 110,000 पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाने के अलावा सईद की संपत्ति भी जब्त कर ली थी। सितंबर में, गृह मंत्रालय ने सीनेट को सूचित किया था कि संघीय सरकार ने जेयूडी और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से संबंधित कुल 964 संपत्तियों को फ्रीज कर दिया था।
12 फरवरी को, सईद को दो मामलों में दोषी ठहराया गया और साढ़े पांच साल के लिए जेल भेज दिया गया था। 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित, सईद अकेले पाकिस्तान में 23 आतंकवादी मामलों का सामना कर रहा है।
पाकिस्तान ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषित करने और धन शोधन करने के लिए देश को ‘ग्रे लिस्ट’ में रखने के बाद सईद के खिलाफ आरोप लगाए और सख्त कदम उठाए।


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