ईरान के बाद अब रूस की बारी! अमेरिका इन देशो के साथ मिलकर करा रहा ये बड़ी तैयारी

Summary :

रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग को 3 साल से अभी अधिक का समय हो गया है. इस दौरान रूस के साथ जंग में यूक्रेन को जो सैन्य सहायता अमेरिका की ओर से दी जा रही थी, वो राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों पर आधारित थी. लेकिन अब हालात बदल गए हैं. ऐसे में पहली बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर इस मुद्दे पर कदम उठाया है. बता दें कि ट्रंप ने यूक्रेन को शक्तिशाली हथियार भेजने का फैसला लिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से साफ है कि अब अमेरिका की रणनीति में बदलाव…

रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग को 3 साल से अभी अधिक का समय हो गया है. इस दौरान रूस के साथ जंग में यूक्रेन को जो सैन्य सहायता अमेरिका की ओर से दी जा रही थी, वो राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों पर आधारित थी. लेकिन अब हालात बदल गए हैं. ऐसे में पहली बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर इस मुद्दे पर कदम उठाया है. बता दें कि ट्रंप ने यूक्रेन को शक्तिशाली हथियार भेजने का फैसला लिया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से साफ है कि अब अमेरिका की रणनीति में बदलाव हो रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर रूस के खिलाफ एक बड़ा सैन्य गठबंधन बनाने की तैयारी कर रहा है. यह गठबंधन भविष्य में रूस पर वैसी ही कड़ी कार्रवाई कर सकता है जैसी अमेरिका ने हाल ही में ईरान के परमाणु ठिकानों पर की थी.

क्यों बदली ट्रंप ने अपनी नीति?

राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने रूस के साथ शांति वार्ता की कोशिश की थी. लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कोई नरमी नहीं दिखाई और यूक्रेन पर हमले लगातार बढ़ते गए. इससे परेशान होकर अब ट्रंप ने सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है. अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि अब केवल बातचीत से काम नहीं चलेगा, जवाब ताकत से दिया जाएगा.

यूक्रेन को मिलेंगे कौन-कौन से हथियार?

डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को उन्नत हथियार देने की मंजूरी दी है. इनमें गाइडेड मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, 155 मिमी के शक्तिशाली आर्टिलरी शेल्स शामिल हैं. इसके अलावा पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर भी विचार किया जा रहा है. कुल मिलाकर अमेरिका करीब 300 मिलियन डॉलर (लगभग 2500 करोड़ रुपये) की सैन्य सहायता यूक्रेन को देगा.

अमेरिका के साथ खड़ा हुआ पश्चिमी गठबंधन

अमेरिका इस लड़ाई में अकेला नहीं है. उसके साथ ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा जैसे प्रमुख देश भी रणनीति बना रहे हैं. NATO के सदस्य देशों को अमेरिका अपने हथियार देगा ताकि वे यूक्रेन को सीधे मदद कर सकें. साथ ही, रूस के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों की संभावना पर भी चर्चा हो रही है.

रूस की तीखी प्रतिक्रिया

अमेरिका और उसके सहयोगियों के इस कदम पर रूस ने कड़ा विरोध जताया है. रूस ने कहा है कि NATO और अमेरिका जानबूझकर युद्ध को और बढ़ावा दे रहे हैं. मॉस्को ने चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन को इस तरह का सैन्य समर्थन जारी रहा, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं.

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।