पाकिस्तान में शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के सरकार के फैसले के दूसरे चरण के तहत बुधवार को छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए विद्यालय एक बार फिर से खोल दिये गए। कोविड-19 महामारी की वजह से विद्यालय करीब छह महीनों से बंद थे। पाकिस्तान में तीन लाख से ज्यादा लोग करोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
सख्त पाबंदियों और इस महामारी पर काबू के लिये मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन के स्पष्ट आदेश के साथ छठी से आठवीं कक्षा के लिये निजी और सरकारी स्कूलों को खोल दिया गया। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक छात्रों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन और फेस मास्क लगाना सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही नियमित रूप से हाथ साफ करने के लिये सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा।
कोविड-19 संबंधी अहम मामलों पर फैसले लेने के लिये अधिकारप्राप्त निकाय ‘नेशनल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ ने मंगलवार को इस महीने के अंत तक शैक्षणिक संस्थानों को पूरी तरह खोलने के फैसले को मंजूर किया था।
सभी प्रांतों ने जहां फैसले पर अमल करना तय किया, वहीं सिंध ने इसे कुछ दिन और टालते हुए 28 सितंबर से छठी से आठवीं कक्षा के लिये विद्यालयों को फिर से खोलने का फैसला लिया। मानक संचालन प्रक्रिया को लागू करने में तैयारी की कमी की खबरों के बाद यह फैसला लिया गया।
इस फैसले के तहत सभी हाई स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 15 सितंबर को खुल गए थे जबकि प्राथमिक विद्यालय बच्चों के लिये अपने द्वार 30 सितंबर को खोलेंगे। पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 532 नए मामले मिलने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 307418 हो गई है।


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