पाकिस्तान के बीमार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को उनकी प्लेटलेट गणना स्थिर होने तक विशेष इलाज के लिए लंदन से अमेरिका नहीं ले जाया जाएगा। यह जानकारी सोमवार उनके पुत्र के हवाले से दी गई। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के प्रमुख 69 वर्षीय शरीफ को 19 नवंबर को एयर एंबुलेंस के जरिये पाकिस्तान से लंदन ले जाया गया था।
भ्रष्टाचार के मामले में सात साल की सजा काट रहे तीन बार के प्रधानमंत्री शरीफ को इलाज के लिए मिली जमानत के करीब एक महीने बाद विदेश ले जाया गया। शरीफ कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। इनमें प्रतिरोधक क्षमता में अंसतुलन शामिल है, जिसकी वजह से उनके प्लेटलेट में गिरावट आ रही है। इस महीने की शुरुआत में उनके परिवार ने कहा था कि शरीफ को 16 दिसंबर को इलाज के लिए लंदन से अमेरिका ले जाया जा सकता है।
एक खबर के मुताबिक उनके बेटे हुसैन नवाज ने लंदन में पत्रकारों से कहा कि उनके पिता को तबतक अमेरिका ले जाना मुश्किल है जबतक कि उनके प्लेटलेट की गणना में स्थिरता नहीं आ जाती। हुसैन ने बताया कि पाकिस्तान में जेल की सजा काटने के दौरान शरीफ कई बीमारियों से ग्रस्त हो गए।
शरीफ के निजी चिकित्सक डॉ. अदनान खान ने बताया कि शरीफ की बीमारियों का सभी पहलुओं से आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे रुधिर रोग विशेषज्ञ (खून की बीमारियों के विशेषज्ञ) से मिलने वाली रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि प्लेटलेट में उतार-चढ़ाव की वजहों का पता नहीं चल रहा है। डॉ. खान ने कहा कि वह शरीफ के ब्रिटेन में रहने को लेकर कुछ नहीं कह सकते क्योंकि अमेरिका ले जाने से पहले प्लेटलेट गणना स्थिर होनी चाहिए।
इससे पहले खबर आई थी कि नवाज की बंद पड़ी धमनी को ठीक करने के लिए मैसाच्युसेट्स जनरल अस्पताल (एमजीएच) से संपर्क किया है। सेहत खराब होने के बाद शरीफ को जेल से लाहौर के सैन्य अस्पताल में स्थानातंरित किया गया था। इसके बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज विदेश में कराने की अनुशंसा की थी।


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