राष्ट्रपति ट्रंप के H-1B वीजा को लेकर जारी आदेश पर Google सीईओ सुंदर पिचाई ने जताई निराशा

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लीडरशिप कॉन्फ्रेंस ऑन सिविल एंड ह्यूमन राइट्स की अध्यक्ष एवं सीईओ वनीता गुप्ता ने कहा कि नवीनतम यात्रा प्रतिबंध डोनाल्ड ट्रंप और स्टीफन मिलर द्वारा शुरू किए गए नस्ली और विदेशी विरोधी भावना का एक नया संस्करण है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस साल के अंत तक एच-1 बी वीजा समेत अन्य कार्य वीजा को अस्थायी तौर पर सस्पेंड करने के आदेश पर सर्च इंजन गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा, वह आव्रजकों के साथ हैं और सभी के लिए अवसर पैदा करने के लिए काम करेंगे।
पिचाई ने ट्वीट किया,‘‘आव्रजन ने अमेरिका की आर्थिक सफलता में बहुत योगदान दिया है और प्रौद्योगिकी में उसे वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाया है, साथ ही गूगल को ऐसी कंपनी बनाया है जो वह आज है। आज की घोषणा से निराश हूं – हम आव्रजकों के साथ हैं और सभी के लिए अवसर पैदा करने के लिए काम करते रहेंगे।’’


एक अलग बयान में ‘लीडरशिप कॉन्फ्रेंस ऑन सिविल एंड ह्यूमन राइट्स’ की अध्यक्ष एवं सीईओ वनीता गुप्ता ने ट्रंप प्रशासन के इस कदम की निंदा की है। उन्होंने कहा कि नवीनतम यात्रा प्रतिबंध डोनाल्ड ट्रंप और स्टीफन मिलर द्वारा शुरू किए गए नस्ली और विदेशी विरोधी भावना का एक नया संस्करण है।

ट्रंप प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए प्रमुख राजनयिक रहीं एलिस जी वेल्स ने भी इस कदम का विरोध किया है।उन्होंने कहा, ‘‘एच1-बी वीजा कार्यक्रम के जरिए सर्वश्रेष्ठ और उत्कृष्ट को आकर्षित करने की क्षमता ने अमेरिका को अधिक सफल और लचीला बनाया है। विदेशी प्रतिभाओं को बांधने की कला जानना अमेरिका की ताकत है कमजोरी नहीं।’’

Desk Team