विदेश मंत्री जयशंकर ने सूरीनाम के शीर्ष नेतृत्व से की बात, द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर दिया जोर

Summary :

पारामारिबो, 7 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर फिलहाल सूरीनाम दौरे पर हैं। सूरीनाम के दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर ने दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए दक्षिण अमेरिकी देश के शीर्ष नेतृत्व और दूसरे अधिकारियों के साथ कई बार बातचीत की। बुधवार (लोकल टाइम) को पारामारिबो पहुंचने पर विदेश मंत्री जयशंकर का उनके समकक्ष मेल्विन बौवा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बाद में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बातचीत की। भारतीय अधिकारियों के साथ विदेश मंत्री ने फिर सूरीनाम के डेलिगेशन से मुलाकात की और पारामारिबो…

पारामारिबो, 7 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर फिलहाल सूरीनाम दौरे पर हैं। सूरीनाम के दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर ने दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए दक्षिण अमेरिकी देश के शीर्ष नेतृत्व और दूसरे अधिकारियों के साथ कई बार बातचीत की।

बुधवार (लोकल टाइम) को पारामारिबो पहुंचने पर विदेश मंत्री जयशंकर का उनके समकक्ष मेल्विन बौवा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बाद में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बातचीत की।

भारतीय अधिकारियों के साथ विदेश मंत्री ने फिर सूरीनाम के डेलिगेशन से मुलाकात की और पारामारिबो में 9वीं जॉइंट कमीशन मीटिंग के तहत द्विपक्षीय संबंधों की पूरी समीक्षा की।

बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “हमने ट्रेड, डिजिटल और निवेश; रक्षा और ऊर्जा; विकास सहायता और कैपेसिटी बिल्डिंग; स्वास्थ्य और मोबिलिटी; और संस्कृति और लोगों के बीच लेन-देन पर बात की। मुझे यकीन है कि आज हमारी बातचीत के नतीजे हमारे संबंधों को और गहरा और अलग-अलग तरह का बनाएंगे।”

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सूरीनाम की राष्ट्रपति जेनिफर गीरलिंग्स-साइमन्स से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच हमेशा रहने वाली साझेदारी को बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर बात की।

विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “आज दोपहर सूरीनाम की राष्ट्रपति जेनिफर गीरलिंग्स-साइमन्स से मिलकर खुशी हुई। भारत की तरफ से सूरीनाम की सरकार और लोगों को दिल से शुभकामनाएं दीं। हमारे दोनों देश भारत-सूरीनाम के गहरे और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का पूरा पोटेंशियल हासिल करने के लिए कमिटेड हैं।”

विदेश मंत्री ने सूरीनाम के मैरिएनबर्ग में ‘मॉन्यूमेंट फॉर द फॉलेन हीरोज’ पर भी श्रद्धांजलि दी। यह 1902 में कॉलोनियलिज्म के खिलाफ लड़ाई के दौरान अपनी जान गंवाने वाले माइग्रेटेड इंडियन इंडेंटर्ड लेबरर्स (गिरमिटिया) की याद में है।

उन्होंने कहा, “1902 में उनकी कुर्बानी कॉलोनियलिज्म के खिलाफ लड़ाई में एक प्रेरणा है। इन गिरमिटियाओं ने विदेशों में सम्मान और आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, जैसा कि भारत में अनगिनत लोगों ने किया। आजादी और न्याय के लिए हमारी ग्लोबल कहानी को हमेशा बताया और दोहराया जाना चाहिए।”

इसके बाद उन्होंने सूरीनाम में इंडियन कम्युनिटी से बातचीत की और भारत की चल रही बदलाव की यात्रा पर रोशनी डाली। उन्होंने सूरीनाम की ग्रोथ में एक भरोसेमंद डेवलपमेंट पार्टनर बने रहने के लिए नई दिल्ली के कमिटमेंट को दोहराया।

गुरुवार (भारतीय समय) को एक्स पर बातचीत की जानकारी शेयर करते हुए, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “आज शाम सूरीनाम में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करके बहुत खुशी हुई। उनके साथ भारत में हो रहे बदलाव के अलग-अलग पहलुओं को शेयर किया। इस बात पर जोर दिया कि हम सूरीनाम की तरक्की, विकास और खुशहाली के लिए एक भरोसेमंद और विश्वसनीय पार्टनर होंगे।”

अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ने बाबा और माई स्मारक पर भी श्रद्धांजलि दी, जो सूरीनाम आने वाले पहले भारतीयों की याद में बनाया गया है।

उन्होंने अपनी द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने से पहले सेंट्रल पारामारिबो में महात्मा गांधी की मूर्ति पर भी श्रद्धांजलि दी।

–आईएएनएस

केके/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.