सऊदी अरब में भारतीय राजदूत और जीसीसी महासचिव की अहम बैठक, एफटीए और आपसी सहयोग पर हुई चर्चा

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रियाद, 24 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के बीच आपसी सहयोग को लेकर चर्चा हुई। बातचीत में भारत-जीसीसी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की वार्ताओं पर भी बात की गई। यह चर्चा सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल और जीसीसी के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी के बीच हुई बैठक के दौरान हुई। दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट करते हुए ल‍िखा, “राजदूत विपुल ने आज जीसीसी के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी से मुलाकात की। दोनों ने भारत-जीसीसी…

रियाद, 24 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के बीच आपसी सहयोग को लेकर चर्चा हुई। बातचीत में भारत-जीसीसी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की वार्ताओं पर भी बात की गई।

यह चर्चा सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल और जीसीसी के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी के बीच हुई बैठक के दौरान हुई। दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।

सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट करते हुए ल‍िखा, “राजदूत विपुल ने आज जीसीसी के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी से मुलाकात की। दोनों ने भारत-जीसीसी सहयोग, एफटीए वार्ता और उच्च स्तरीय संपर्कों को और मजबूत करने पर चर्चा की। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।”

इस साल फरवरी में भारत और जीसीसी ने भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए थे।

यह ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ बातचीत के दायरे और उसकी प्रक्रिया को तय करेगा। इस पर नई दिल्ली में वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार अजय भादू तथा जीसीसी सचिवालय के मुख्य वार्ताकार राजा अल मरजूकी ने हस्ताक्षर किए थे। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे।

पिछले साल सितंबर में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित दो दिवसीय भारत-जीसीसी राजनीतिक संवाद के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-जीसीसी संयुक्त कार्य योजना (जेएपी) 2024-2028 के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी।

इन क्षेत्रों में राजनीतिक संवाद, सुरक्षा, व्यापार और निवेश, कृषि और खाद्य सुरक्षा, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, संस्कृति और शिक्षा शामिल हैं। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की, जो दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

जीसीसी की स्थापना 1981 में रियाद में हुए एक समझौते के तहत की गई थी। इसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। इन देशों के बीच विशेष संबंध, भौगोलिक निकटता, इस्लामी मान्यताओं पर आधारित समान राजनीतिक व्यवस्था, साझा हित और समान लक्ष्य इसकी स्थापना की प्रमुख वजह थे।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, भारत और जीसीसी देशों के बीच लंबे समय से घनिष्ठ और दोस्ताना संबंध रहे हैं। इन संबंधों की मजबूत नींव व्यापार और लोगों के बीच गहरे संपर्कों पर आधारित है।

हाल के वर्षों में भारत और जीसीसी देशों के रिश्ते व्यापार, निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई क्षेत्रों में और मजबूत हुए हैं। जीसीसी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय मूल के लोग रहते हैं।

भारत और जीसीसी के बीच व्यापार और निवेश लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच कुल व्यापार करीब 178 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

–आईएएनएस

एवाई/पीएम

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IANS Agency

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