ईरान की चेतावनी: क्षेत्र में अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही, तो देंगे करारा जवाब

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तेहरान, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान की मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने कहा है कि अगर अमेरिका पश्चिम एशिया क्षेत्र में अपनी “नाकेबंदी, लूट और समुद्री दखल” जारी रखता है, तो वह इसका जवाब देगा। ईरानी मीडिया में जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है। इससे ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। साथ ही, पिछले कुछ दिनों में ईरान जा रहे जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उसकी सेना पहले…

तेहरान, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान की मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने कहा है कि अगर अमेरिका पश्चिम एशिया क्षेत्र में अपनी “नाकेबंदी, लूट और समुद्री दखल” जारी रखता है, तो वह इसका जवाब देगा।

ईरानी मीडिया में जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है। इससे ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। साथ ही, पिछले कुछ दिनों में ईरान जा रहे जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उसकी सेना पहले से ज्यादा मजबूत और तैयार है। वह देश की संप्रभुता, हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। बयान में यह भी कहा गया कि हालिया युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ईरान की ताकत और हमले की क्षमता का कुछ हिस्सा देख चुकी है।

ईरानी सेना ने कहा कि वह क्षेत्र में दुश्मनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है। अगर अमेरिका और इजरायल फिर से कोई हमला करते हैं, तो ईरान उन्हें और ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार है।

वहीं, सऊदी अरब से जुड़े समाचार चैनल ‘अल अरबिया’ ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान अमेरिका द्वारा तय की गई शर्तों पर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है।

इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने युद्ध खत्म करने से जुड़े अपने विचार साझा किए।

अराघची शुक्रवार रात एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे थे। वहां उन्होंने अमेरिका और इजरायल के साथ युद्धविराम, युद्ध खत्म करने और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। यह जानकारी अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने दी।

ईरान ने 28 फरवरी से होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण और सख्त कर दिया था। उसने अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के गुजरने पर रोक लगा दी थी। यह कदम इन दोनों देशों द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था।

करीब 40 दिनों तक चले संघर्ष के बाद 8 अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम हुआ। इसके बाद 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच लंबी बातचीत भी हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। इसके बाद अमेरिका ने इस जलमार्ग पर अपनी नाकेबंदी लागू कर दी।

बताया जा रहा था कि इस हफ्ते पाकिस्तान में एक और शांति वार्ता हो सकती है, लेकिन ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिका की लगातार नौसैनिक नाकेबंदी और उसकी “ज्यादा सख्त” शर्तें इसकी मुख्य वजह हैं।

–आईएएनएस

एएस/

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