वाशिंगटन, 20 जुलाई (आईएएनएस)। ट्रंप सरकार ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला तेल परिवहन युद्ध से पहले के स्तर के करीब दो-तिहाई तक वापस पहुंच गया है। हालांकि, इस बीच नाटो के एक पूर्व कमांडर ने चेतावनी दी कि ईरान स्वेज नहर को निशाना बनाकर दोनों देशों के बीच संघर्ष का दायरा और बढ़ा सकता है।
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने उन दावों को खारिज किया कि हालिया अमेरिकी हवाई हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई के कारण होर्मुज स्ट्रेट से तेल का आवागमन लगभग ठप हो गया है।
एबीसी न्यूज के कार्यक्रम ‘दिस वीक’ में क्रिस राइट ने कहा, “फिलहाल पिछले सात दिनों का औसत देखें तो स्ट्रेट से प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल का परिवहन हो रहा है। इसके अलावा, बाईपास पाइपलाइनों के जरिए भी प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल अतिरिक्त तेल की आपूर्ति जारी है।”
उन्होंने कहा, “हम अरब की खाड़ी इलाके से हर दिन 14 मिलियन बैरल से थोड़ा कम तेल ले रहे हैं। यह लड़ाई से पहले के ट्रैफिक का दो-तिहाई है, जो मार्च की तुलना में काफी ज्यादा है।”
क्रिस राइट ने माना कि ट्रैफिक अभी सामान्य नहीं हुआ है। लेकिन उन्होंने कहा कि पब्लिक में मौजूद आंकड़े इस इलाके से गुजरने वाले सभी तेल टैंकर वाले जहाजों को नहीं दिखाते हैं।
उन्होंने कहा, “जहाजों की संख्या में बहुत ज्यादा कमी आई है। जाहिर है हम अब दुनिया के बाजारों में ज्यादा से ज्यादा सप्लाई बनाए रखने के लिए बड़े टैंकर भेज रहे हैं।”
यह टिप्पणी जॉर्डन में एक अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले में दो अमेरिकी सेवा सदस्यों के मारे जाने के बाद आई। एक और सेवा सदस्य लापता है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले करके अपने सैनिकों की मौत का जवाब दिया।
राइट ने कहा कि वाशिंगटन स्ट्रेट से ट्रैफिक की सुरक्षा करता रहेगा, चाहे तेहरान का सहयोग हो या न हो।
खतरा होर्मुज से आगे भी बढ़ सकता है। नाटो के पूर्व सुप्रीम एलाइड कमांडर, रिटायर्ड एडमिरल जेम्स स्टैवरिडिस ने चेतावनी दी है कि ईरान स्वेज नहर को निशाना बनाकर का दायरा बढ़ाने के लिए हूतियों का इस्तेमाल कर सकता है।
स्टावरिडिस ने अमेरिकी मीडिया सीएनएन के “स्टेट ऑफ द यूनियन” को बताया, “ईरानी लोग दक्षिण-पश्चिम कोने में हूतियों का इस्तेमाल करके इसे बंद करने की कोशिश के बारे में बातें शुरू कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “इसलिए स्वेज नहर पर नजर रखें क्योंकि ईरान एक और चाल चल सकता है।” स्टैवरिडिस ने सुझाव दिया कि जॉर्डन में हाल के हमले लाल सागर के उत्तरी छोर के पास उसकी स्थिति से जुड़े हो सकते हैं।
–आईएएनएस
केके/पीएम
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