नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश ए मोहम्मद (जेईएम) के शीर्ष कमांडर मौलाना सलमान की एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। यह घटना बुधवार को हुई और इसे संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सलमान, मसहूद अजहर का करीबी सहयोगी था और भारत में हुए कई बड़े हमलों से उसका नाम जोड़ा जाता रहा है। इनमें 2001 के भारत की संसद पर हमला और पुलवामा अटैक 2019 शामिल हैं।
उसे बहावलपुर स्थित मार्कज सुभानअल्लाह में दफनाया गया। खबरों के मुताबिक, इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ अधिकारी भी मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि सलमान पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश के ठिकाने पर हुए हमले में घायल हुआ था। इस ऑपरेशन में संगठन के कई वरिष्ठ सदस्य और मसूद अजहर के करीबी परिजन मारे गए थे।
हाल के दिनों में लश्कर ए तैयबा (एलईटी) और जैश के कई प्रमुख सदस्यों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत या हमले की घटनाएं सामने आई हैं। दो दिन पहले ही लश्कर के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी।
पिछले साल जैश के रणनीतिकार मौलाना अब्दुल अजीज अजार की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर हार्ट अटैक बताया गया। वहीं, इस साल अप्रैल में लश्कर के संस्थापक सदस्यों में से एक मौलाना आमिर हमजा पर भी हमला हुआ, जिसमें वह बच गए।
सूत्रों के अनुसार, इन लगातार हो रही घटनाओं से दोनों संगठनों को बड़ा नुकसान हुआ है और नेतृत्व स्तर पर संकट गहरा गया है। मसूद अजहर की सेहत को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि आईएसआई के मार्गदर्शन में जैश नए नेतृत्व को सामने लाने की कोशिश कर रहा है, जबकि पाकिस्तानी मीडिया में अजहर से जुड़ी खबरों पर अनौपचारिक रोक की भी चर्चा है। लश्कर में भी नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं और नए, युवा नेतृत्व की मांग तेज हो रही है।
–आईएएनएस
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