वाशिंगटन, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तीन ईरानी नागरिकों का कानूनी स्थायी निवासी दर्जा खत्म कर दिया है। इन लोगों के ईरान की सरकार से जुड़े लोगों से संबंध बताए जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और अब उन्हें देश से बाहर भेजने (डिपोर्ट) की प्रक्रिया का इंतजार है।
सैयद ईसा हाशमी, मरियम तहमासेबी और उनके बेटे को, उनका कानूनी दर्जा रद्द होने के बाद, अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) ने हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब वे देश से निकाले जाने की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
बताया गया है कि हाशमी, मासूमेह एब्तेकार के बेटे हैं। एब्तेकार 1979 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की घटना से जुड़ी एक विवादित शख्सियत हैं। उस समय बंधक संकट के दौरान 52 अमेरिकियों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। तब एब्तेकार ने बंधक बनाने वाले उग्रवादियों के प्रवक्ता के तौर पर काम किया था।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, एब्तेकार ने बंधक बनाने वालों के पक्ष में प्रचार किया और मीडिया में ऐसी तस्वीर पेश की जिससे लगे कि बंधकों के साथ अच्छा व्यवहार हो रहा है। जबकि असल में बंधकों को अकेले कमरे में रखा गया, उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई, उन्हें भूखा रखा गया और उनके साथ मारपीट व मानसिक उत्पीड़न किया गया।
बाद में एब्तेकार ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में ऊंचे पदों तक पहुंचीं। उन्होंने सरकार में कई वरिष्ठ भूमिकाएं निभाईं, जिनमें 2017 से 2021 के बीच उपराष्ट्रपति का पद भी शामिल है।
ये तीनों लोग 2014 में अमेरिका आए थे और 2016 में एक खास वीजा कार्यक्रम के जरिए उन्हें स्थायी निवास मिल गया था। उस समय अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का प्रशासन था और उन्हीं के कार्यकाल में इन तीनों को वीजा जारी किए गए थे। जून 2016 में, उन्हें ‘डायवर्सिटी इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम’ के तहत अमेरिका की कानूनी स्थायी नागरिकता (ग्रीन कार्ड) प्रदान की गई थी। मौजूदा प्रशासन के सत्ता में आने के बाद से, इस कार्यक्रम को निलंबित कर दिया गया है।
पिछले हफ्ते भी अमेरिका ने कासिम सुलेमानी के रिश्तेदारों का कानूनी दर्जा खत्म किया था। सुलेमानी ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर थे, जिनकी 2020 में अमेरिका द्वारा किए गए एक हमले में मौत हो गई थी। सुलेमानी की रिश्तेदार हमीदा अफशर सुलेमानी और उनकी बेटी इस समय आईसीई की हिरासत में हैं।
इसके अलावा अली लारिजानी की बेटी फातिमा अर्देशिर-लारिजानी और उनके पति का भी अमेरिकी दर्जा खत्म कर दिया गया है। ये दोनों पहले ही अमेरिका छोड़ चुके हैं और अब उन्हें दोबारा आने की अनुमति नहीं होगी।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई गृह सुरक्षा विभाग और इमिग्रेशन एजेंसियों के साथ मिलकर की गई है। सरकार का कहना है कि वह ऐसे लोगों को अमेरिका में रहने की अनुमति नहीं देगी, जिनके संबंध अमेरिका विरोधी या आतंकवादी माने जाने वाले शासन से जुड़े हों।
–आईएएनएस
एएस/
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