सिंगापुर, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और सिंगापुर के बीच आर्थिक तथा रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) के दौरान भारत के शीर्ष मंत्रियों ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य के सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की।
बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। उनके साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी शामिल रहे। दोनों देशों के नेताओं ने साझेदारी को और गहरा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं और पहलों की समीक्षा की।
आईएसएमआर के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग के छह प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और सतत विकास शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हासिल की गई प्रगति का आकलन करने के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, नेताओं ने आर्थिक सहयोग, डिजिटल परिवर्तन, परिवहन संपर्क, कौशल विकास और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय भागीदारी को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों देशों ने उभरती प्रौद्योगिकियों और नई आर्थिक संभावनाओं में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने सिंगापुर समकक्ष विवियन बालाकृष्णन के साथ विस्तृत बैठक की थी। दोनों नेताओं ने भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही वर्तमान वैश्विक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
जयशंकर ने बैठक के बाद कहा, “मेरे मित्र और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात कर खुशी हुई। हमने हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर उनके विचार भी महत्वपूर्ण रहे।”
दोनों विदेश मंत्रियों ने सिंगापुर में भारत के उच्चायोग के नए चांसरी परिसर की आधारशिला भी रखी। जयशंकर ने विश्वास जताया कि यह नया परिसर भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए चरण का प्रतीक बनेगा और सिंगापुर में रह रहे भारतीय समुदाय को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा।
विदेश मंत्री जयशंकर मंगलवार को ही आईएसएमआर में भाग लेने के लिए सिंगापुर पहुंच गए थे। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का सिंगापुर के चांगी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग और सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने स्वागत किया।
गौरतलब है कि भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। इसके बाद दूसरा सम्मेलन अगस्त 2024 में सिंगापुर और तीसरा सम्मेलन अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। यह मंच दोनों देशों के बीच पारंपरिक और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
–आईएएनएस
डीबीपी
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