बीजिंग, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मौजूदा हालात के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। बीजिंग के अनुसार ईरान पर दोनों देशो की सैन्य कार्रवाई की वजह से होर्मुज लगभग बंद पड़ा है। चीन का कहना है कि ये हमले ही इस समस्या की “जड़” हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार देर शाम (स्थानीय समयानुसार) यूएस वासियों के नाम संबोधन में होर्मुज की जिम्मेदारी उठाने से पल्ला झाड़ लिया (जबकि पहले वो इस पर अधिकार जताने की बात करते थे)। ट्रंप ने कहा कि जो लोग इस प्रमुख शिपिंग मार्ग से तेल प्राप्त करते हैं उन्हें “इस मार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी” खुद ही उठानी चाहिए।
जब पत्रकारों ने चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से ट्रंप की इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा: “होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की मूल वजह, यूएस-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे अवैध सैन्य अभियान हैं। होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव की जड़ गैरकानूनी सैन्य कार्रवाई है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।”
इसके साथ ही चीनी विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से तुरंत संघर्ष विराम की अपील की। माओ निंग ने कहा कि सैन्य कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि संघर्ष बढ़ाना किसी के हित में नहीं है और सभी पक्षों को तुरंत सैन्य अभियान रोक देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी देशों को संयम बरतते हुए बातचीत से समाधान निकालना चाहिए।
इस बीच मौजूदा हालात का सही हल निकालने के लिए ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने 35 देशों की बैठक बुलाई है, जिसमें अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कूटनीतिक विकल्पों पर चर्चा करेंगे। बैठक में अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों के साझेदार शामिल हैं।
स्टार्मर के अनुसार इसका मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और बाधित तेल आपूर्ति को दोबारा सुचारू करना है। स्टार्मर स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि ब्रिटेन युद्ध का हिस्सा नहीं बनेगा, लेकिन ऊर्जा सुरक्षा के लिए कूटनीतिक कदम जरूर उठाएगा।
–आईएएनएस
केआर/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



