इस साल चीन के सर्वोच्च नेता की कूटनीति की विशेषता

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बीजिंग, 7 अगस्त (आईएएनएस)। 15वीं पंचवर्षीय योजना के पहले साल में चीन के सर्वोच्च नेता की कूटनीति शानदार रही। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विदेशी नेताओं के साथ लगातार मुलाकात की। इससे मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में नई उम्मीद जग गई। बड़े देशों के बीच बातचीत, पड़ोसी देशों के साथ संपर्क, “वैश्विक दक्षिण” देशों के साथ सहयोग और दुनिया के लिए चीन के प्रस्ताव की प्रस्तुति इस साल चीनी सर्वोच्च नेता की कूटनीति की चार विशेषताएं हैं। 14 मई को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने राजधानी पेइचिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात की।…

बीजिंग, 7 अगस्त (आईएएनएस)। 15वीं पंचवर्षीय योजना के पहले साल में चीन के सर्वोच्च नेता की कूटनीति शानदार रही। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विदेशी नेताओं के साथ लगातार मुलाकात की। इससे मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में नई उम्मीद जग गई। बड़े देशों के बीच बातचीत, पड़ोसी देशों के साथ संपर्क, “वैश्विक दक्षिण” देशों के साथ सहयोग और दुनिया के लिए चीन के प्रस्ताव की प्रस्तुति इस साल चीनी सर्वोच्च नेता की कूटनीति की चार विशेषताएं हैं।

14 मई को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने राजधानी पेइचिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने चीन-अमेरिका रचनात्मक रणनीतिक स्थिर संबंध स्थापित करने पर सहमति कायम की। इसने अगले तीन सालों और उसके बाद चीन-अमेरिका संबंधों के लिए रणनीतिक निर्देश दिया। बार-बार करीबी संपर्क में दोनों नेताओं के बीच आपसी समझ और विश्वास मजबूत हुआ है।

वहीं, इस साल चीन और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ है और अच्छे पड़ोसियों जैसे मैत्रीपूर्ण संबंध व सहयोग संधि पर हस्ताक्षर की 25वीं वर्षगांठ भी है। इस साल चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ कई तरीकों से रणनीतिक संपर्क कायम किया।

दुनिया को बेहतर बनाने के लिए बड़े देशों को मिसाल कायम करनी होगी। बड़े देश कैसे साथ मिलकर काम करते हैं, यह मानव जाति के भविष्य से संबंधित है। जटिल अंतर्राष्ट्रीय स्थिति के सामने शी चिनफिंग ने बड़े देशों के नेताओं के बीच रणनीतिक संपर्क बढ़ाया। इससे बड़े देशों के बीच शांतिपूर्ण, स्थिर और संतुलित संबंधों की स्थापना बढ़ाई जाएगी।

उधर, पड़ोसी देशों के बीच कूटनीति चीन की विदेशी रणनीति में खास स्थान रखती है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पड़ोसी देश डीपीआरके को इस वर्ष की पहली राजकीय यात्रा के तौर पर चुना। वहीं, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग इस साल चीन का दौरा करने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष बने। उसके बाद वियतनाम, लाओस और ताजिकिस्तान समेत 10 से अधिक पड़ोसी देशों के नेताओं ने क्रमशः चीन की राजकीय यात्रा की। इससे साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाया गया।

इस साल से “वैश्विक दक्षिण” देशों और विकासशीस देशों के नातों ने भी क्रमशः चीन का दौरा किया। शी चिनफिंग ने उनके साथ सौहार्दपूर्ण मुलाकात की और “वैश्विक दक्षिण” देशों के बीच सहयोग व समान विकास में नई उम्मीद जगी।

अस्थिर वैश्विक स्थिति से विभिन्न देशों के शांतिपूर्ण विकास का आधार कमजोर हुआ है। इसलिए शी चिनफिंग ने मध्य-पूर्व क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए चार सूत्रीय सुझाव प्रस्तुत किए। यूक्रेन संकट के लिए शी चिनफिंग ने वार्ता के जरिए विवाद का समाधान करने का प्रस्ताव पेश किया। वैश्विक शासन पहल की प्रस्तुति के बाद करीब 160 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इसका समर्थन जताया।

जैसा कि शी चिनफिंग ने कहा था कि चीन हमेशा इतिहास के सही पक्ष पर खड़े रहता है और विभिन्न देशों के साथ मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाएगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

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